14 जनवरी के बाद प्रधानमंत्री की परीक्षा पे चर्चा:46 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन, प्रदेश के 125 छात्र प्रश्न पूछ सकेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी बाद कभी भी परीक्षा पे चर्चा कर सकते हैं। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। देशभर से अब तक 46.12 लाख बच्चे रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें प्रदेश के 10 बच्चे शामिल हैं। चर्चा के दाैरान राजस्थान के करीब 125 विद्यार्थियों को पीएम से प्रश्न पूछने का मौका मिलेगा। नोडल अधिकारी और समग्र शिक्षा अभियान के आयुक्त अविचल चतुर्वेदी बताते हैं कि विभाग ने 125 प्रस्ताव भेजे थे, जिसे मंजूरी मिल गई है। हमारा प्रयास है यह संख्या और बढ़े। बता दें कि पिछले वर्ष 29 जनवरी 2024 को पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की थी। तब राजस्थान के हिस्से में 80 प्रश्न आए थे, लेकिन समय की कमी के कारण 5 प्रश्न ही पूछे जा सके। महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा 202, बिहार के 130 छात्रों को मौका चर्चा में भाग लेने के लिए 14 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन ओपन रहेंगे। इसलिए आंकड़ा और बढ़ सकता है। परीक्षा पे चर्चा के दाैरान सर्वाधिक प्रश्न पूछने का माैका महाराष्ट्र काे मिला है। जहां के 202 विद्यार्थी प्रश्न पूछ सकेंगे। बिहार के 130, कर्नाटक के 84, केरल के 56 और एमपी के 102 छात्राओं को मौका मिलने की उम्मीद है। सबसे कम मौका लद्दाख को मिलेगा, जहां से केवल 4 विद्यार्थी प्रश्न कर सकेंगे। इसके साथ ही मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड के लिए 18-18 प्रश्नाें का काेटा मिला है। पिछले वर्ष सर्वाधिक यूपी, महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान के बच्चों को प्रश्न पूछने का मौका मिला था। 500 शब्दाें में प्रश्न सबमिट करना हाेगा
पीएम से संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जहां आवेदनकर्ता काे पहले 500 शब्दांे में प्रश्न लिखकर सबमिट करना होगा। माता-पिता और शिक्षक भी, ऑनलाइन एक्टिविटी में हिस्सा ले सकते हैं और अपनी एंट्रीज सबमिट कर सकते हैं। मुख्य इवेंट में के लिए चुने गए 2500 छात्रों को, शिक्षा मंत्रालय से पीपीसी किट मिलेगी। 9 से 12 तक के लिए 100 और 6 से 8 तक 25 की संख्या तय
राजस्थान के शिक्षा विभाग की ओर से प्रधानमंत्री से संवाद को लेकर कक्षा 9 से 12वीं तक के लिए 100 और 6 से लेकर 8 वीं तक के लिए 25 बच्चों का चयन किया जाना है। यही बच्चे सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करेंगे। इसके लिए राजस्थान शिक्षा परिषद के आयुक्त अविचल चतुर्वेदी को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। चतुर्वेदी का कहना है कि राज्य से बड़े बच्चाें की संख्या 100 और छोटे के लिए 25 का प्रस्ताव भेजा है। प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे प्रश्न पूछ सकें। बता दें कि इन विद्यार्थियों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के विद्यार्थी सीधे ही कार्यक्रम दूरदर्शन, रेडियो, टीवी आदि के माध्यम से सुन सकते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *