अजरबैजान से प्रत्यर्पण के बाद झारखंड लाए गए हथियार सप्लायर मयंक सिंह उर्फ मीणा सिंह को गोपालगंज पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लाएगी। उस पर अजरबैजान में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों के संचालन का आरोप है। झारखंड एटीएस शनिवार को विदेश मंत्रालय की पहल पर अजरबैजान से प्रत्यर्पण के बाद उसे रांची लाई है। मूल रूप से वह राजस्थान का रहने वाला है। जल्द ही गोपालगंज पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर ला सकती है। पिछले साल लॉरेंस गैंग के तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद मयंक सिंह का नाम आया था, जिसके बाद गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाने में उसपर केस दर्ज हुआ था। मयंक सिंह पर विदेशी हथियारों की तस्करी का गंभीर आरोप है। गोपालगंज के तत्कालीन एसपी स्वर्ण प्रभात ने उस पर इनाम घोषित किया था। पुलिस का मानना है कि बिहार और यूपी की सीमा पर सक्रिय हथियार सप्लाई नेटवर्क का मास्टरमाइंड वही है। पिछले साल 22 अप्रैल 2024 को कुचायकोट थाना पुलिस ने लॉरेंस गैंग से जुड़़े तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तीन ग्लो पिस्टल और मैगजीन बरामद की गई थी। पूछताछ में बदमाशों ने मयंक सिंह का नाम उजागर किया था, जिसके बाद से वह पुलिस की वांछित सूची में शामिल हो गया था। बिहटा : बालू माफियाओं ने पुलिस पर एके 47 से फायरिंग की, चार गिरफ्तार पटना | बिहटा के अमनाबाद सोन नदी इलाके में रविवार की सुबह पुलिस और बालू माफियाओं के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ करीब दो घंटे तक चली। पुलिस कार्रवाई के लिए गई थी। पुलिस को देखते ही माफियाओं ने एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। करीब 60 से 70 राउंड गोलियां चलीं। अपराधी नाव से फायरिंग कर रहे थे। वे भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार माफियाओं को पकड़ लिया। करीब 10 अपराधी मौके से भाग निकले। गिरफ्तार अपराधियों में छपरा डोरीगंज का संजय राय, अजित कुमार, भोजपुर शिवगंज का यश कुमार और पालीगंज का सोनू कुमार शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने एक एके-47, 312 बोर की राइफल, 160 राउंड जिंदा कारतूस और दो मोबाइल बरामद किया है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सभी बालू माफिया अमनाबाद में रंगदारी वसूलने आए थे। चार गिरफ्तार हुए हैं। कुछ फरार हैं। मुठभेड़ के दौरान करीब 10 अपराधी नाव से भाग निकले। इनमें से 8 की पहचान हो गई है। ये अपराधी पांडव सेना गिरोह के मुखिया संजय सिंह के गैंग से जुड़े हैं। अब यह गिरोह बालू के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया है। गिरोह पटना, भोजपुर और छपरा इलाके में वर्चस्व कायम करने की कोशिश में है। सोन नदी के नाविकों और बालू खनन करने वालों से वसूली करता है। गैंग के पास काफी हथियार : पांडव गिरोह के पास पांच से अधिक एके-47 होने की बात सामने आई है। मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने कुछ हथियार सोन नदी में फेंक दिए। एसएसपी ने कहा कि नदी से हथियार बरामद करने की कोशिश की जा रही है। सरगना संजय सिंह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि संजय सिंह की तलाश में छापेमारी चल रही है। 13 साल में 50 मौतें : सोन नदी में बालू का कारोबार खतरनाक हो चुका है। यहां पटना, भोजपुर और छपरा के गैंग सक्रिय हैं। बीते 13 साल में गोलीबारी में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई घायल हुए हैं। अधिकतर शव आज तक नहीं मिले। ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों रोज गोलीबारी हो रही है। माफिया शवों को बालू में गाड़ देते हैं या नदी में पत्थर बांधकर फेंक देते हैं। बिहार-यूपी की सीमा पर सक्रिय हथियार सप्लाई नेटवर्क का मास्टरमाइंड है मयंक सिंह : पुलिस


