जालंधर पीएयू के पंजाब बागवानी कटाई-पश्चात प्रौद्योगिकी केंद्र (पीएचपीटीसी) ने रिवाइविंग ग्रीन रेवोल्यूशन सेल (टाटा ट्रस्ट का एक संबद्ध संगठन) के सहयोग से पीआरएएनए कार्यक्रम के अंतर्गत “नाशपाती फलों की कटाई-पश्चात प्रबंधन और मूल्य संवर्धन’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अमृतसर और तरनतारन जिलों की 20 महिलाओं ने हिस्सा लेकर नाशपाती के विभिन्न उत्पाद (जैम, बार, कैंडी और नेक्टर) बनाने सीखे। प्रौद्योगिकी केंद्र के निदेशक डॉ. बीवीसी महाजन ने बताया कि नाशपाती पंजाब का एक महत्वपूर्ण फल है, जिसकी व्यावसायिक खेती अमृतसर और तरनतारन जिलों में की जाती है। सरकार ने नाशपाती के उत्पादन को बढ़ावा देने और देश के घरेलू तथा दूर-दराज के बाजारों में इसकी मार्केटिंग के लिए अमृतसर जिले में नाशपाती एस्टेट की स्थापना की है। खाद्य प्रौद्योगिकीविद् डॉ. स्वाति कपूर और सूक्ष्म जीव विज्ञानी डॉ. पूजा ने भी अपने विचार रखे।


