इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन:दोनों तरफ क्लीयर होने लगी साइट, नए साल से शुरू होगा काम

इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे का काम नए साल से शुरू होगा। अभी दोनों तरफ साइट क्लीयर की जा रही है। प्रोजेक्ट पूरा होने की डेडलाइन जनवरी 2028 है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए यह हाईवे बेहद अहम साबित होगा। इंदौर से उज्जैन के बीच करीब 55 किलोमीटर का सफर पूरा करने में अभी चार पहिया से एक से सवा घंटा लगता है। हाईवे तैयार होने पर यही सफर 40 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। इंदौर से उज्जैन के बीच मौजूदा फोरलेन हाईवे को ही चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए सड़क के दोनों तरफ मौजूदा दो लेन के अलावा एक-एक लेन और बनाई जाएगी। दोनों तरफ तीसरी लेन के लिए साइट क्लीयर की जा रही है। जहां अतिक्रमण थे, उन्हें भी हटाया जा रहा है। पूरे हाईवे पर 8 जगह फ्लायओवर व अंडरपास बनाने की योजना है। निर्माण एजेंसी को बैंक से फाइनेंशियल क्लोजर लेने के लिए एमपीआरडीसी ने 5 महीने का समय दिया था, जो 15 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके बाद कंपनी को अपॉइंटेड डेट दे दी जाएगी। इस दिन से कंपनी को 2 साल की अवधि में काम पूरा करके देना होगा। 6 अंडरपास बनेंगे
धरमपुरी बायपास, सांवेर बायपास का पहला छोर, सांवेर बायपास का अंतिम छोर, सांवेर में उलटे हनुमान मंदिर चौराहे पर, पंथ पिपलई और इंजीनियरिंग कॉलेज।
2 फ्लायओवर बनेंगे
एक उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टॉप पर और एक महावीर मार्ग पर। एक फ्लायओवर इसी सड़क पर एनएचएआई द्वारा बनाया जा रहा है, जो देवास-उज्जैन-गरोठ हाईवे का हिस्सा है। सिंहस्थ में 1 लाख वाहन रोज होंगे
इस रोड पर अभी इंदौर से उज्जैन के बीच आम दिनों में 30 से 40 हजार वाहन गुजरते हैं। त्योहार व अन्य खास मौकों पर वाहन संख्या 60 से 70 हजार तक पहुंच जाती है। सिंहस्थ तक इस पर ट्रैफिक फ्लो एक लाख वाहन के करीब रोज रहेगा। ऐसे में सिक्स लेन हाईवे बहुत फायदेमंद साबित होगा। हाईवे की शुरुआत इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से होगी, जो उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज पर खत्म होगा। प्रोजेक्ट की लागत 1600 करोड़ रुपए है। इसमें निर्माण की लागत 623 करोड़ रुपए है। शेष राशि में यूटिलिटी शिफ्टिंग, सड़क बन जाने के बाद उसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस आदि पर खर्च किए जाएंगे। सिक्स लेन के बाद एक ही टोल होगा
वर्तमान में इस सड़क के दोनों छोर पर टोल नाके हैं। आने वाले समय में एक ही टोल नाका बनाया जाएगा और मौजूदा टोल व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा। हाईवे बनने से सड़क के दोनों ओर दर्जनों टाउनशिप को भी फायदा होगा। मेट्रो: प्रस्ताव आया तो मीडियन चौड़ा करेंगे
एमपीआरडीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मेट्रो की तरफ से उन्हें इंदौर-मेट्रो लाइन इस सड़क पर बनाने को लेकर कोई लिखित पत्राचार नहीं किया है। इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए अभी फिजिबिलिटी सर्वे की ही अनुमति मिली है। आगे जाकर यदि इसी अलाइनमेंट पर मेट्रो प्रोजेक्ट लाने का प्रस्ताव मिलता है तो ज्यादा से ज्यादा मीडियन की चौड़ाई बढ़ा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी बदलाव की संभावना नहीं है। एमपीआरडीसी द्वारा सिक्स लेन हाईवे प्रोजेक्ट की जो डीपीआर बनाई गई थी, उसी के अनुसार प्रोजेक्ट का निर्माण किया जाने वाला है।

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