आज खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश:4 जिलों में यलो और 6 में रेड अलर्ट, 29 अगस्त तक जारी रहेगा असर

झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के रांची स्थित केंद्र ने बताया है कि सोमवार को राज्य के खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश होगी। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में कहीं-कहीं 70 से 110 मिलीमीटर के बीच बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी गई है। सामान्य से 246 फीसदी अधिक बारिश, नदियां उफान पर पिछले 24 घंटों में झारखंड में सामान्य से 246 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जहां सामान्यतः: 6.2 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार 21.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश पश्चिमी सिंहभूम के आनंदपुर में 85 मिमी और जगन्नाथपुरा में 67 मिमी हुई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान गोड्डा में 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नामकुम में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बारिश से स्वर्णरेखा, हरमू और अन्य नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण कई निचले इलाकों में घरों तक पानी घुस गया है। 29 अगस्त तक जारी रहेगा असर राजधानी रांची में आज भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश कई बार होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अधिकतम तापमान बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर 29 अगस्त तक देखने को मिलेगा। जिसके चलते पूरे झारखंड में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रविवार को केतारी बगान और राधा-कृष्ण मंदिर नामकुम इलाके में स्वर्णरेखा का पानी पुलों के ऊपर से बहा। हरमू नदी के उफान के कारण तपोवन मंदिर के पास बने पुल से आना-जाना बाधित रहा। 6 जिलों में रेड अलर्ट, घरों से बेवजह न निकलने की अपील मौसम विभाग ने सोमवार को विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश से स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। वहीं अब तक झारखंड में मानसून के दौरान 991.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 745.5 मिमी से 33 प्रतिशत अधिक है। आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में 1000 मिमी से ऊपर वर्षा हो चुकी है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं।

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