जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पतालों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। इसे जनवरी से लागू किया जाएगा। जिनकी बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं होगी, उनका वेतन काटा जाएगा। इसके लिए अभी से ऑफिस और अस्पतालों में मशीनें लग गई हैं, ताकि किसी भी तरह के तकनीकी इशू आए तो उनका निराकरण कर लिया जाए। कलेक्टर का आदेश दोनों ही विभागों तक पहुंच गया है। अफसरों ने भी कर्मचारियों को हिदायत दे दी है कि समय पर ऑफिस आएं। तय समय पर ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाई जाए। देर से पहुंचते हैं डॉक्टर्स, कर्मचारी
ओपीडी में डॉक्टर्स समय पर नहीं पहुंचते। कार्यालय में कर्मचारी देरी से आते हैं। इसी पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब कर्मचारियों के लिए भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जो निर्धारित समय से एक घंटे बाद तक पहुंचते हैं, जबकि कार्यालय का समय सुबह 10:30 बजे है। डॉक्टरों की बात करें तो एमवायएच सहित मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में एनएमसी ने पहले ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था को लागू कर दिया है।


