जो कथा में डूबता है, वही भवसागर पार हो जाता है

भास्कर न्यूज | टिटिलागढ़ भगवान श्रीराधा कृष्ण की नित्य क्रीड़ा स्थली श्रीधाम वृंदावन से पधारे भागवत कथा मर्मज्ञ गौभक्त श्रद्धेय संजीव कृष्ण ठाकुर के पावन सानिध्य में बुसानिया परिवार ने डीएन रिसॉर्ट-टिटिलागढ़, ओडिशा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस का आनंदमय विश्राम किया गया। सुबह बेला में दिव्य-भव्य कलश यात्रा के साथ इस आनंदमय कथा महोत्सव का श्रीगणेश हुआ। कथा प्रथम दिवस में महात्म्य कथा करते हुए महाराजश्री ने बताया कि “प्रभु की कथा जब और जिसे भी मिलती है, किसी कारण से नहीं अपितु प्रभु करुणा के फलस्वरूप ही मिलती है। बड़े सौभाग्यशाली हैं आप सभी टिटिलागढ़ वासी व अन्य स्थानों से पधारे प्रभु कथा प्रेमी जन जो यह प्रभु कथा की गंगा स्वयं चलकर आपके पास तक आई है। भागवत कथा की गंगा ऐसी गंगा है, जो इसमें जितनी गहराई में डूब जाता है वो उतना ही भवसागर से पार भी हो जाता है। भागवत कथा रुपी गंगा में डूब जाना ही संसार सागर से पार हो जाना भी है।” प्रथम दिवस में ही बड़ी संख्या में पधारकर प्रभु कथा प्रेमियों ने महाराज के श्रीमुख से आनंद और भाव पूर्वक प्रभु कथा का रसपान किया। भागवत भगवान की आरती के साथ प्रथम दिवस कथा का मंगलमय विश्राम किया गया।

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