भास्कर न्यूज | लुधियाना विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा नानकसर कलेरा में सचखंड निवासी संत बाबा नंद सिंह जी की 82वीं बरसी के अवसर पर बुधवार को चौथे दिन विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन की शुरुआत होते ही बरसात होने लगी, लेकिन बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। लाखों की संख्या में देश-विदेश से आई संगतें “सतनाम वाहेगुरु” और “बाबा नंद सिंह जी तेरी जय होवे” के जयकारे लगाती हुई नगर कीर्तन में शामिल हुईं। पवित्र पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप सजाकर नगर कीर्तन की रवानगी हुई। पालकी साहिब को फूलों से सजाया गया। संगत पालकी साहिब के दर्शन करने के लिए उत्साहित रही। संत बाबा घाला सिंह जी और संत बाबा गुरजीत सिंह जी ने गुरु साहिब को पालकी साहिब में बिराजमान करवाया। संगतों ने पालकी को अपने कंधों पर उठाकर नगर कीर्तन की शुरुआत की। पालकी साहिब पर पूरे रास्ते फूलों की वर्षा होती रही। नगर कीर्तन श्री सच्चखंड साहिब से रवाना होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा और सरोवर की परिक्रमा के बाद सच्चखंड साहिब में संपन्न हुआ। इस दौरान गतका पार्टियों ने शानदार कौशल का प्रदर्शन किया। श्रद्धालु यह प्रदर्शन देखकर भाव-विभोर हो उठे। पूरे नगर कीर्तन के दौरान जयकारों और शब्द गायन से वातावरण धार्मिक रंग में रंग गया। संगत ने उत्साह और श्रद्धा के साथ “बाबा नंद सिंह जी तेरी जय होवे” का शबद गाया। बरसी समागम में अलग-अलग कीर्तन जत्थों ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का गुणगान किया। कीर्तन से संगतें निहाल हुईं। लाखों श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होकर बाबा नंद सिंह जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। श्रद्धालुओं का यह अपार सैलाब देखकर हर कोई दंग रह गया। संत बाबा घाला सिंह जी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि धन्न धन्न बाबा नंद सिंह जी नाम-सिमरन के धनी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा और भक्ति को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि आज नानकसर साहिब में जुटी यह भारी संगत बाबा नंद सिंह जी की आत्मिक कमाई का प्रमाण है। उन्होंने संगत को आशीर्वाद दिया और कहा कि जो श्रद्धालु इस बरसी अवसर पर गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर नतमस्तक हुए हैं, वे वास्तव में भाग्यशाली हैं। गुरुद्वारा नानकसर कलेरा श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहा।


