भास्कर न्यूज | गिरिडीह बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में अब तक केवल 32 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि 31 अगस्त को अंतिम तारीख है। ऐसे में जिला सहकारिता विभाग के सामने लक्ष्य पूरा करना बड़ी चुनौती बन गई है। विभाग की ओर से इस बार फसल बीमा को लेकर 1 लाख 78 हजार 691 किसानों के पंजीयन करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन, अभी तक मात्र 57 हजार 375 किसानों का ही पंजीयन हो सका है। जबकि 31 अगस्त को पंजीयन कराने की अंतिम तिथि है। ऐसे में अब तक मात्र 32 प्रतिशत किसानों का ही पंजीयन हो सका है। अब भी 1.21 लाख से ज्यादा किसानों का बीमा नहीं हो पाया है।निबंधन की धीमी गति से चिंतित सहकारिता विभाग ने सभी प्रखंड सहकारिता अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 31 अगस्त से पहले शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। नहीं तो हजारों किसान बीमा लाभ से वंचित रह जाएंगे। फसल के नुकसान होने पर मिलती है वित्तीय सुरक्षा : ओझा जिला सहकारिता पदाधिकारी अश्विनी कुमार ओझा ने बताया कि यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल नुकसान की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा देती है। इसके तहत अगहनी धान और भदई मक्का की फसल का बीमा सिर्फ 1 एक टोकन मनी में कराया जा सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वह अपना आधार, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, बुआई प्रमाण पत्र, वंशावली और मोबाइल नंबर के साथ तुरंत निबंधन कराएं। कहां करा सकते हैं बीमा केसीसी ऋणी किसान: संबंधित बैंक शाखा से स्वचालित रूप से बीमित गैर-ऋणी किसान: नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या पोर्टल पर या विभाग की वेबसाइट पर स्वयं करा सकते हैं पंजीकरण कहां कितने किसानों ने कराया पंजीकरण जमुआ प्रखंड में 9230, सरिया में 8439, गांडेय में 5157, धनवार में 4868, बेंगाबाद में 4851, बिरनी में 4826, देवरी में 4821, बगोदर में 4680, गिरिडीह में 3427, डुमरी में 2448, तिसरी में 2018, गावां में 1386 और पीरटांड़ में 1224 किसानों ने पंजीयन कराया है।


