ठगी का मामला:साइबर ठगों ने डॉक्टर, प्रोफेसर और वकील को भी बनाया शिकार, 55 लाख रुपए पार

रायपुर में पिछले साल 15 हजार मामलों में 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी घर बैठे पैसे कमाने और शेयर मार्केट में निवेश पर अधिक मुनाफे के झांसे में आकर आम आदमी ही नहीं प्रोफेशनल लोग भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के अंतराल में रायपुर के डॉक्टर, प्रोफेसर, वकील और गृहिणी से 55.36 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हो गई है। बुधवार काे इन चारों मामलों में रायपुर के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विनायक रेसीडेंट निवासी जयंत चंद्राकर अंजोरा स्थित डेंटल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनके फेसबुक पर FYERS नाम से एक लिंक दिखाई दिया। इसमें शेयर ट्रेडिंग में दोगुना मुनाफा लिखा हुआ था। जयंत ने लिंक पर क्लिक किया तो एक वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। उसके बाद एक युवती का फोन आया। उसने वीआईपी मेंबरशिप लेने की बात कही। फिर गूगल प्ले स्टोर से FYERS नाम का एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया। इसके बाद अलग-अलग किश्त में 26.68 लाख रुपए वसूल लिए। कस्टमर केयर के नाम से आया फोन
सरस्वती नगर निवासी आयुष अग्रवाल पेशे से वकील हैं। उन्होंने अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल को रिपेयरिंग के लिए दिया था। 24 अगस्त को उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर सर्विस सेंटर का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि गाड़ी का कार्बोरेटर खराब है। इसे बदलना पड़ेगा। इसके लिए 13500 रुपए ऑनलाइन जमा करना होगा। वकील ने ऑनलाइन पैसा जमा कर दिया। वकील के पास ट्रांजेक्शन फेल होने का मेल आया। इसके बाद वकील ने दोबारा पैसे जमा किया। बाद में जानकारी हुई कि कंपनी से उनके पास कोई फोन नहीं किया। तब उन्हें ठगी की जानकारी मिली। एप में दिखाया दोगुना मुनाफा
अवंति विहार निवासी डॉक्टर नेहा गुप्ता के सोशल मीडिया अकाउंट में 9 जून को एक लिंक आया। उसमें शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा का दावा किया गया था। डॉ. नेहा को एक एप डाउनलोड कराया। उसमें अलग-अलग किश्त में 13.13 लाख रुपए जमा कराया गया। बाद में पता चला कि उनसे ठगी हो गई। घर बैठे कमाने का झांसा
तेलीबांधा सृष्टि गार्डन निवासी केयूरी मजीठिया गृहिणी है। सोशल मीडिया में उन्होंने एक लिंक देखा। उसमें घर बैठे पैसा कमाने का वादा किया था। केयूरी उस लिंक में गई और वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गई। टास्क पूरा करने के लिए धीरे-धीरे 15.29 लाख रुपए जमा करवाए गई। टास्क पूरा करने पर जब रिफंड नहीं मिला तब शिकायत की। एक्सपर्ट : मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम इन बातों का रखें ध्यान

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *