आध्यात्मिक तरीके से मनाया पर्व, जैन धर्मावलंबियों ने किया उपवास

सिटी रिपोर्टर | बोकारो जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से चास के मा​िणकचंद छल्लाणी भवन में मनाए जा रहे नौ दिवसीय पर्युषण पर्वाराधना का गुरुवार को समापन हो गया। बुधवार को संवत्सरी पर्व शुरू होने के बाद लगातार दो दिनों तक संपूर्ण जीव जगत से क्षमा याचना की गई। यह पर्व क्षमा, आत्म-निरीक्षण और आध्यात्मिक शुद्धि का पर्व है। इस दिन सभी ने मिच्छामी दुक्कड़म कहकर एक-दूसरे से क्षमा मांगी। आचार्य श्री महाश्रमणजी के आध्यात्मिक निर्देशन में पहुंचीं जैन उपासिका सायर जी कोठारी व संगीता जी पटावरी उपस्थित रहीं। अपने सात दिनों तक त्याग, तपस्या, जप, मौन, संयम के साथ पर्युषण पर्व को आध्यात्मिक तरीके से मनाने के बाद आठवें दिन सभी जैन धर्मावलंबियों ने उपवास किया और क्षमापना दिवस मनाया। उपासिका सायर कोठारी ने कहा कि जैन समाज में क्षमायाचना का यह दिन बड़ा ही विलक्षण दिवस है। इस दिन वर्षों से एक-दूसरे के प्रति मन में पल रही द्वेषता और कलुषता को निर्मल ह्रदय से क्षमा-याचना करके धोने का सार्थक प्रयास किया जाता है। व्यक्ति अगर भावों से और मन से क्षमा मांग लेता है और सामने वाला क्षमादान दे देता है तो इससे एक सुंदर व स्वस्थ समाज और राष्ट्र की परिकल्पना सार्थक होती है। क्षमा वीरों का आभूषण होता है, क्योंकि क्षमा दान विरले व्यक्ति ही कर सकता है। आयोजन की सफलता में माणिकचंद छल्लाणी, मीडिया प्रमुख सुरेश बोथरा, जयचन्द, राजेश कोठारी, अरिहंत जैन, सुशील बैद, कनक जैन, सरिता कोठारी, अलका जैन, नीतू बोथरा, सती बोथरा, सुनीता कोठारी, गजराज बागवानी, शांतिलाल जैन, शशि बोथरा, अंकित, तारा चंद, अंजली, उन्नति, जयचंद बांठिया, ताराचंद, मदन चौरड़िया, रेणु चौरड़िया, कनक जैक, शशि बांठिया, किरण पारिख, प्रमोद चौरड़िया, अभय बेगवानी, बजरंग लाल चौरड़िया, सियाराम कुमार, बबीता कोठारी, सरोज सुमन चौरड़िया, संजय बांठिया, संजू बांठिया आदि मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *