पंजाब के पटियाला में पंजाबी विश्वविद्यालय में छात्रों ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यूनिवर्सिटी में महान कोष की प्रतियों को मिट्टी में दबाया है। जिसके विरोध में वह उतर आए है। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मौके पर मौजूद विद्यार्थी नेताओं यादविंदर सिंह यादू व अन्य ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से महान कोष को मिट्टी में दबाने की तैयारी की जा रही है। यह सीधे तौर पर बेअदबी है। SGPC ने की घटना की कड़ी निंदा उधर, इस मामले में एसजीपीसी ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। सुरजीत सिंह गढ़ी के नेतृत्व में एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल ने घटना की निंदा की और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उचित मर्यादा के लिए प्रतियां गोइंदवाल साहिब ले जाई गईं। मामला गंभीर होता देखकर यूनिवर्सिटी अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों को समझा-बुझाकर माहौल शांत करने का प्रयास किया। लेकिन विद्यार्थियों का रोष जाहिर है। पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से महान कोष के बारे में हाल ही में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के साथ बैठक हुई थी। महान कोष में त्रुटियां होने पर यूनिवर्सिटी ने इसे 15 दिनों के अंदर नष्ट करने का भरोसा दिलाया था। बता दें कि सिख विद्वान भाई काहन सिंह नाभा ने 1930 में पंजाबी के करीब 80 हजार शब्दों के अर्थों वाला एक महान कोष तैयार किया था। जिसकी कुछ साल पहले ही पंजाबी यूनिवर्सिटी ने दोबारा छपाई कराई थी। लेकिन छपाई के दौरान काफी गलतियां हो गई थीं। जिसके बाद पंजाबी विद्वानों की ओर से महान कोष की इन प्रतियों को नष्ट करने का मुद्दा उठाया जा रहा था। विद्यार्थी नेताओं ने बताया कि इस महान कोष में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी भी दर्ज है। इसलिए महान कोष की प्रतियों को नष्ट करने का यह तरीका सही नहीं है। इसलिए इसका डटकर विरोध किया जाएगा।


