रांची | मुंबई में सक्रिय झारखंड के मशहूर िनर्माता-निदशेक लाल विजय शाहदेव अपनी हिंदी फिल्म ‘लोहरदगा’ और नागपुरी िफल्म ‘फुलमनिया’ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंनें एक के बाद एक 3 भोजपुरी िफल्में ‘नाच बैजू नाच’, ‘मेरे नैना तेरे नैना’ व ‘कोख’ की भी खूब प्रशंसा हुई थी। कई ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर टीवी सीरियल्स का भी निर्माण किया है, जिन्हें दर्शकों ने सराहा है। उनकी शॉर्ट फ़िल्म ‘द साइलेंट स्टैच्यू’ कॉन्स फ़िल्म फेस्टिवल तक गई है। अब वे ‘चल धान रोपे’ से साफ-सुथरे गानों की शुरुआत कर रहे हैं। कहते हैं िक भोजपुरी और नागपुरी संगीत के गिरते स्तर से चिंतित हूं, इसलिए अपने यूट्यूब चैनल आकृति सिनेमा पर अश्लीलता के शोर में खोए संगीत से अलग गाने लेकर आ रहे हैं। इसका प्रसारण 30 अगस्त शनिवार को सुबह 6:30 बजे से होगा


