नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बागड़ा बफर रेंज में बेशकीमती सागौन के पेड़ कटाई और उसे छिपाने का मामला सामने आया है। रेंज की गश्ती टीम जंगल में कटे मिले सागौन के 4 लट्ठों को रेंज ऑफिस ले जाने के बजाय उल्टा सोहागपुर की एक आरा मशीन पर ले गई और अपने वरिष्ठ अफसरों से सागौन कटाई की बात छिपाई। लेकिन, सोहागपुर सामान्य वन रेंज के टीम के हस्तक्षेप के बाद मामला उजागर हुआ। एसटीआर के बागड़ा बफर रेंज के रेंजर ने पीओआर दर्ज किया। मामले की जांच शुरू की। सागौन की कटाई किसने की और परिवहन कौन कर रहा था। यह अभी क्लियर नहीं हो पाया है। सागौन की कटाई और रेंज ऑफिस के बजाय आरा मशीन पर ले जाने में एसटीआर के रेंजर और स्टाफ की भूमिका संदेह के दायरे में है। जानकारी के अनुसार, 27 दिसम्बर को सुबह 9 बजे फॉरेस्ट की कैम्पर गाड़ी सोहागपुर में एक आरा मशीन के सामने खड़ी थी। गाड़ी में सागौन भरी थी। एक मुखबिर ने इसकी सूचना सामान्य वन परिक्षेत्र सोहागपुर को दी। सूचना पर सोहागपुर रेंज की टीम मौके पर पहुंची। पड़ताल में पता चला कि गाड़ी तो बागड़ा बफर रेंज की है। इसके बाद बागड़ा बफर के रेंजर लोकेश कुमार चौधरी को जानकारी दी गई। रेंजर ने सागौन की लकड़ी को रेंज ऑफिस में रखवाया और प्राथमिक अपराध पंजी में अज्ञात आराेपी के खिलाफ केस दर्ज किया। रेंजर लोकेश लोकेश कुमार चौधरी ने बताया- गश्ती टीम को जंगल में चार सागौन के लट्ठे कटे मिले, जिसे वह गाड़ी में रखकर लेकर आएं। वनरक्षक राम किशोर राय ने हमें बताया कि सागौन कटाई में एक आरा मशीन संचालक पर शक था, इसलिए पता करने हम गाड़ी लेकर वहां चले गए। वनरक्षक को पहले मुझे सूचना देकर बताना था और लकड़ी को रेंज ऑफिस में रखवाना चाहिए था। जो उसने नहीं किया। मामले की जांच की जा रही है।


