हजारीबाग/ चरही | कई राज्यों में अवैध शराब का कारोबार चलाने वाले और स्प्रिट की तस्करी करने वाले तस्करों को संरक्षण देने वाले कथित चाचा जी आखिर कौन है। जब दैनिक भास्कर मामले के तह तक गया तो जानकारी मिली कि चाचा जी बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और उनका वास्तविक नाम राजाराम है। वे दिल्ली में रहकर ऐसे कारोबारी को संरक्षित करते हुए कारोबार को संचालित करते हैं। बताया जाता है उनकी ऊंची पहुंच है और इसका लाभ तस्करों को अक्सर मिलता रहता है। अंतरराज्यीय शराब तस्कर गिरोह का बीते गुरुवार देर रात चरही पुलिस ने भी भंडाफोड़ किया था। जब चरही से चाचा जी की देख-रेख में 32 हजार लीटर स्प्रिट बिहार भेजने की तैयारी थी। लेकिन नए साल के सेलिब्रेशन में स्प्रिट से अवैध शराब की फैक्ट्रियों में शराब बना कर बिहार और झारखंड में खपाने की तैयारी पर चरही की पुलिस ने पानी फेर दिया। चरही पुलिस ने नकली शराब पीने से होने वाले मौत से हजारों लोगों की जान बचा ली। चाचा जी सुनकर बुजुर्ग व्यक्ति होने का एहसास होता है। लेकिन ये चाचा जी उर्फ राजा राम की उम्र 40 से 45 वर्ष है। इसके ऊपर लातेहार थाना में केस नंबर 97/24, चरही थाना में 118/24 दर्ज है। ये महज दो आंकड़े नहीं है। इस पर झारखंड के कई थाना और सबसे ज्यादा बिहार के थानों में मामला दर्ज है। जानकार सूत्र बताते है कि बिहार में जहरीली शराब से सीवान जिले के खेरवा इलाके में लगभग 37 लोगों की मौत, सीवान जिले के ही मगहर और औरिया पंचायतों में जहरीली शराब से 28 लोगों की मौत, छपरा (सारण) जिले के मशरक थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर में 7 लोगों की मौत, सीवान और छपरा में जहरीली शराब पीने से कुल 20 लोगों की मौत में शराब की सप्लाई राजा राम उर्फ चाचा जी के हैंडलरों के द्वारा ही किया गया था। उसे सभी इसे चाचा जी ही कहते है।


