हरियाणा से सटे पंजाब क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सिरसा वासियों ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं। सिरसा से भारी संख्या में लोग पंजाब के लोगों की मदद के लिए रवाना हुए हैं। रविवार को भी डेरा सच्चा सौदा के सेवादार रवाना हुए थे। उनके साथ राशन, दवा एवं अन्य सामग्री रही। डेरा प्रमुख ने संगत से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद का आह्वान किया था। सिरसा के गांव भरोखां से सेवादारों का जत्था सोमवार रात को भी रवाना हुआ। वह सभी राशन एवं अन्य खाद्य सामग्री और दवा का प्रबंध के साथ गाड़ी लेकर पंजाब के लिए रवाना हुए हैं। भरोखां के ग्रामीण बोले कि, पंजाब के साथ पुराना भाईचारा है। यह मानवता के लिए मदद है और इंसानियत धर्म है। पंजाब बॉर्डर पर बसा है। हर बार किसान आंदोलन में भी पूरा सहयोग रहा है। ग्रामीण बोले कि, अब सीधा सुल्तानपुर लोधी में जाएंगे। वहां जरूरत के हिसाब से देखेंगे। अगर खाना बनाने की सुविधा मिली तो बना-बनाया खाना उपलब्ध करवाएंगे। वर्ना गुरुघरों में ही राशन वितरण करेंगे। उनके साथ मिलकर खाना तैयार करने में मदद करेंगे। इसके बाद बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। किसान सुरेंद्र रोज ने बताया कि यह पहली मदद के लिए जा रहे हैं। दूसरी मदद एक सप्ताह बाद जाएगी। पहले वहां पंजाब में जाकर हालात देखेंगे और उसी हिसाब से तैयारी करेंगे। शुरू में 100 कट्टे गेहूं का आटा, 250 पेटी पानी, 25 बड़ी पेटी बिस्किट, 1500 पेटी रस, 20 किलो आचार व रिफाइंड तेल लेकर रवाना हुए हैं। यह बोले पंजाब लोगों की मदद के लिए रवाना हुए सेवादार पंजाब के लोगों से हुई थी बात : प्रभू भरोखां गांव निवासी प्रभू भाम्भू ने बताया कि हमारे पास पंजाब के लोगों से बात हुई थी। उसी अनुसार तैयारी करके रवाना हुए हैं। शुरू से हमारी उनसे कनेक्टिविटी थी। जैसे ही उनका मैसेज मिला तो हम चल दिए। इंसानियत के नाते हमारा यह फर्ज है। पूरे गांव का ही सहयोग है : सुरेंद्र भरोखां निवासी सुरेंद्र जाखड़ ने बताया कि यह पूरे गांव की ओर से सहयोग मिल रहा है। दो दिन से इसकी तैयारी कर रहे थे। राशन एवं अन्य सामान एकत्रित होते ही यहां से चल दिए। पंजाब में बाढ़ से हालात खराब है, उनकी हर मदद के लिए तैयार है। गांव से 12-13 लोग रवाना हुए: पूर्व सरपंच भरोखां के पूर्व सरपंच सुभाष सेठी ने बताया कि हम 12 से 13 लोग गांव से रवाना हुए हैं। जैसी मदद होगी, वो करेंगे। पंजाब सिरसा के साथ लगता इलाका है। अक्सर आपस में एक-दूसरे के काम आते रहते हैं। यह जरूरत थी कि मदद की जाए।


