गुमला में मत्स्य पालन से बदली ग्रामीणों की जिंदगी:300 किसानों को सालाना 1.5 लाख की कमाई, 6 समितियां कर रही काम

गुमला जिले में मत्स्य पालन ग्रामीण आजीविका का प्रमुख स्रोत बन गया है। बसिया प्रखंड के नारिकेला में 20 ग्रो आउट तालाबों का निर्माण किया गया है। यहां स्थानीय ग्रामीण संगठित रूप से मछली पालन कर रहे हैं। उग्रवाद प्रभावित धन सिंह जलाशय में केज कल्चर योजना के तहत मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जलाशय में विशेष केंद्रीय सहायता से 48 केज बनाए गए हैं। इनमें 6 समितियां सामूहिक रूप से काम कर रही हैं। इससे 300 से ज्यादा ग्रामीणों को फायदा हुआ है। हर समिति के सदस्य सालाना 1-2 लाख रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत बसिया प्रखंड के कुम्हरिया गांव में एक लघु फिश फीड मिल स्थापित की गई है। ज्योति लकड़ा द्वारा स्थापित इस मिल में उच्च गुणवत्ता वाले फीड का उत्पादन होता है। मिल से 20-25 ग्रामीणों को रोजगार मिला है। ज्योति को सालाना 8-10 लाख रुपए की आय हो रही है। समितियों ने तीन फसल चक्रों में लाखों की मछली बेची धन सिंह जलाशय में स्थापित केज मत्स्य पालन जिले के लिए एक मॉडल बन गया है। समितियों ने तीन फसल चक्रों में लाखों की मछली बेची है। एक समिति ने 6.60 लाख रुपए की कमाई से एक चार पहिया वैन भी खरीदी है। इस योजना से मत्स्य कृषकों को हर चक्र में 1-1.5 लाख रुपए की शुद्ध आय हो रही है। इससे पलायन कम हुआ है। स्थानीय स्तर पर मछली की उपलब्धता से कुपोषण में भी कमी आई है। डीसी प्रेरणा दीक्षित के अनुसार, गुमला में मछली पालन अब सशक्त ग्रामीण आजीविका का माध्यम बन गया है। प्रशासन का प्रयास है कि महिलाएं और युवा इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। पीएम मोदी ने मन की बात में की सराहना गुमला जिले में मत्स्य पालन से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 जुलाई 2025 को मन की बात कार्यक्रम में गुमला के मत्स्य कृषक ओम प्रकाश साहू की सराहना की। बसिया प्रखंड के कुम्हारी गांव के ओम प्रकाश साहू ने वर्ष 2024 में झारखंड सरकार से चार तालाबों की बंदोबस्ती ली। वे अब 40 क्विंटल से अधिक मछली का उत्पादन कर 4-5 लाख रुपए सालाना कमा रहे हैं। उनकी पत्नी इन्दुमती देवी को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मध्यम आरएएस इकाई का लाभ मिला है। बसिया प्रखंड की ज्योति लकड़ा को राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कृषि कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। वे मत्स्य मित्र के रूप में ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को प्रशिक्षण देती हैं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करती हैं। जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता के अनुसार, 2020-21 से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 157 लाभुकों को जोड़ा गया है। जिले में बायो फ्लॉक तालाब और एक्वाकल्चर सिस्टम जैसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला लाभुकों को 60 प्रतिशत तथा अन्य को 40 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। नारिकेला पंचायत में चरकी देवी, बबीता देवी और प्रीति देवी के नेतृत्व में महिला समूहों ने 16 ग्रो-आउट तालाबों का क्लस्टर बनाया है। इससे सामूहिक मत्स्य पालन के साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *