सरगुजा और बलरामपुर जिले में मंगलवार दोपहर बाद झमाझम बारिश के कारण जर्जर हो चुके नेशनल हाईवे 343 में कई गाड़ियां गड्ढों में फंस गईं। अंबिकापुर से राजपुर के बीच परसा में यात्री बसें, ट्रकों सहित अन्य वाहन घंटों फंसे रहे। नेशनल हाईवे विभाग ने गड्ढों को पाटने के लिए नदी के बोल्डर, मुरम, मिट्टी और कुछ जगहों पर क्रशर डस्ट डाले थे, जो बारिश में मुसीबत बन गए हैं। मंगलवार को अंबिकापुर से रामानुजगंज के बीच कई स्थानों पर गाड़ियां फंस गईं। नेशनल हाईवे 343 पर अंबिकापुर से रामानुजगंज तक की सड़क की पूरी तरह से दुर्दशा हो गई है। गड्ढों के बीच कहीं-कहीं सड़क बची है। इस मार्ग का नया निर्माण होना है, जिसके लिए दो पैच में टेंडर स्वीकृत हो गए हैं और पेड़ों की कटाई भी जोरों से की जा रही है। इस सड़क के मरम्मत के लिए 10 करोड़ में टेंडर ठेकेदार को दिया गया है। बोल्डर, मुरम, मिट्टी डालकर भरे गड्ढे, फंसी गाड़ियां मंगलवार दोपहर के बाद सरगुजा जिले में झमाझम बारिश हुई। वहीं बलरामपुर जिले में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के बाद सड़क में मरम्मत के नाम पर कराए गए कार्य बह गए। बोल्डर और मिट्टी वाहनों के लिए मुसीबत बन गए हैं। अंबिकापुर से राजपुर के बीच परसा में खराब सड़क में बड़ी गाड़ियों के फंसने के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रही। इसमें बड़ी बसें, ट्रकें और चारपहिया वाहन भी शामिल हैं। नेशनल हाईवे में अनगिनत गड्ढे हैं, जिसके कारण मार्ग में वाहनों का चलना भी दूभर हो गया है। मरम्मत के नाम पर ठेकेदार ने अब तक खानापूर्ति की है। विभाग के अनुसार, बारिश समाप्त होते ही मरम्मत का काम कराया जाएगा और नवनिर्माण भी शुरू होगा। जहां मंत्री ने खिंचवाई फोटो, वहां भी फंसी गाड़ियां एक माह पहले मंत्री रामविचार नेताम ने अंवराझरिया के पास खराब सड़क का निरीक्षण किया था और मरम्मत शुरू कराते हुए फोटो खिंचवाई थी। जेसीबी से मुरम और मिट्टी के साथ जीएसबी मटेरियल सड़क पर डाले गए थे। बारिश में मटेरियल बह गए और मंगलवार को वहां भी गाड़ियां फंस गईं। नेशनल हाईवे 343 वर्तमान में सरगुजा से बलरामपुर जिलों की सबसे खराब सड़क है। यह अंबिकापुर को गढ़वा से जोड़ती है। सड़क की दुर्दशा के कारण सरकार की किरकिरी भी हो रही है। इस कारण बारिश बंद होते ही सड़क का नवनिर्माण और मरम्मत दोनों साथ शुरू करने का निर्देश दिया गया है। बारिश के बाद कलेक्टोरेट में भी घुसा पानी बलरामपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कलेक्टोरेट का पोर्च भी पानी से भर गया और पानी अंदर आफिस में घुस गया। इसके कारण कलेक्ट्रेट के कर्मचारी परेशान रहे हैं।


