टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीशचंद्र मीना ने गंगापुर जिले को खत्म करने और मालपुरा को जिला नहीं बनाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। इसे लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण कदम बताया है।
सांसद मीना ने बताया कि जिस तरह से गंगापुर और मालपुरा के लोगों के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कुठाराघात किया है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। सांसद मीना ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जनता की मांग पर जनहित एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रदेश में नए जिलों का गठन किया गया था। इनके बनने बाद लोगों को अपने क्षेत्र के नजदीक कलेक्टर, SP समेत अन्य अफसरों आदि की सुविधा मिल रही थी। उन्होंने बताया कि गंगापुर और मालपुरा जिला बनने के सभी मापदंड पूर्ण करता था, इसीलिए गंगापुर जिले का गठन किया गया था और मालपुरा को जिला बनाने की घोषणा की गई थी।
लेकिन राजनैतिक द्वेषता के कारण राज्य की भाजपा सरकार ने गंगापुर का जिले का दर्जा छीनकर लोगों की सुविधा को छीन लिया है। वहीं मालपुरा जिले को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। जबकि कांग्रेस ने इसे जिला बनाने की घोषणा कर दी थी। सरकार का इन्हे जिला नहीं बनाकर लोगों के साथ काफी गलत निर्णय किया है। उन्होनें कहा कि मालपुरा जिला बन जाता तो वहां के लोगों जिला मुख्यालय के लिए 80 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ता। ये ही स्थिति गंगापुर की है, लेकिन सरकार ने एक तरफा फैसला किया है ।


