इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा मेगा प्रोजेक्ट तैयार:प्रदेश के 192 शहरों ने भेजा अपना प्लान, पांच साल में सड़क व नाली, ऑडिटोरियम जैसे 40 हजार काम होंगे

प्रदेश के 192 नगर निकायों ने पहली बार 5 साल के लिए अपना सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है। इसमें 40 हजार से ज्यादा कामों की लिस्ट है, जिन पर करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। हर शहर ने तय किया है कि पहले कौन से काम किए जाएंगे और कैसे शहर की सुंदरता, बुनियादी सुविधाएं और लोगों की जिंदगी बेहतर होगी। अकेले बिलासपुर संभाग से 54 निकायों ने 10 हजार 146 कामों के लिए 3359 करोड़ रुपए का प्लान नगरीय प्रशासन विकास विभाग को भेजा है। दरअसल, पहली बार नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों से अपने-अपने क्षेत्र के लिए अगले पांच साल का मास्टर प्लान मांगा था। इस योजना के तहत 192 में से प्रत्येक निकाय ने अपने क्षेत्र में जरूरी बुनियादी ढांचे की पहचान की और उसके लिए प्रस्ताव तैयार किया। सबसे ज्यादा फोकस शहरी बुनियादी सुविधाओं पर है, जैसे सड़क निर्माण, नाला-नाली सुधार, बिजली व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक भवन, तालाबों का सौंदर्यीकरण और सामुदायिक संसाधनों का विकास। कामों की श्रेणी देखें तो इसमें छोटे-छोटे शहरी सुधार कार्यों से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक शामिल हैं। उदाहरण के लिए मिनी स्टेडियम, खेल मैदान, हाट-बाजार, ऑडिटोरियम, पुस्तकालय, सामुदायिक भवन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), ओपन जिम, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को भी जोड़ा गया है। पर्यावरण संरक्षण: तालाबों के सौंदर्यीकरण से न केवल सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि जल संरक्षण और स्थानीय जलवायु पर सकारात्मक असर पड़ेगा। प्रदेश के शहरों को होंगे ये बड़े फायदे निकायों ने इनकी सूची दी ^प्रदेश के 192 निकायों के लिए 5 साल का सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाया गया है। निकायों ने प्लान और प्रस्तावित राशि की सूची सौंपी है। कार्यों के लिए फंड जारी किए जा रहे हैं। पांच साल तक इसके अनुसार शहरों के विकास तो होंगे ही, साथ ही ये सीडीपी जरूरत के अनुसार अपडेट भी होंगे। यानी प्लान अपडेट किए जा सकेंगे। -बसव राजू एस, सचिव, नगरीय प्रशासन विकास विभाग

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *