मुरैना शहर के हाथ ठेला व्यापारियों ने सोमवार से बाजार में ही अपने ठेले लगाने का फैसला किया है। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ 6 दिनों से व्यापारी धरने पर बैठे है। बता दें कि, हाथ ठेला व्यापारियों के धरने को छह दिन पूरे हो चुके है। लेकिन, जिला प्रशासन और नगर निगम से उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए। परेशान व्यापारियों ने अब बाजार में अपने पुराने स्थान पर ठेला लगाने का निर्णय लिया है। व्यापारी नवीन कुशवाहा ने बताया कि सर्दी के सीजन के लिए उन्होंने लाखों रुपए का माल खरीदा है। अगर वे ठेले नहीं लगा पाए, तो माल बिक नहीं सकेगा और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। अतिक्रमण हटाया, नई जगह की पेशकश वहीं नगर निगम प्रशासन ने ठेला व्यापारियों की मांगों को आंशिक रूप से मानते हुए दुकानों के बाहर लगे टीन शेड और अतिक्रमण हटा दिए हैं। इसके साथ ही हाथ ठेला व्यापारियों के लिए एक अलग हॉकिंग जोन की व्यवस्था की है। हालांकि, व्यापारी नई जगह जाने को तैयार नहीं हैं। व्यापारियों की समस्याएं: सीजनल नुकसान की चिंता हाथ ठेला व्यापारी सर्दी के सीजन में जैकेट, कंबल, और गर्म कपड़ों का व्यवसाय करते हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस समय उनके पास भारी मात्रा में स्टॉक है, जिसे वे बाजार में लाकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। हॉकिंग जोन दूर होने के कारण उनके ग्राहक वहां तक नहीं पहुंचेंगे, जिससे व्यापार चौपट हो जाएगा। कुशवाहा का कहना है- “हम अपने ठेले वहीं लगाएंगे, जहां पहले लगाते आए हैं। चाहे इसके लिए हमें प्रशासन की कार्रवाई का सामना क्यों न करना पड़े। वहीं उन्हें व्यापारी संगठनों का भी इस मुद्दे पर समर्थन स्पष्ट है। आजाद पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सैमिल ने कहा, “हम प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। हम अब पुराने स्थान पर ठेले लगाने का निर्णय ले चुके हैं।” वहीं भीम आर्मी के प्रदीप पचौरी ने कहा, “प्रशासन अगर हमारे खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो हम उसका सामना करेंगे। हम अपने व्यापार को खत्म नहीं होने देंगे।” प्रशासन ने दी चेतावनी मामले में पुलिस और प्रशासन का कहना है कि किसी को भी अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।


