गढ़वा | नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष केसरी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने गुरुओं का सम्मान कर गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया। शुक्रवार को आयोजित इस सम्मान समारोह में संतोष केसरी ने जी एन कॉन्वेंट स्कूल के निदेशक मदन केसरी और डी ए भी मॉडल स्कूल के निदेशक सुशील केसरी को गुलदस्ता, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर संतोष केसरी ने कहा कि शिक्षक ही समाज के वास्तविक पथप्रदर्शक होते हैं। उनकी वजह से ही विद्यार्थी जीवन में सफलता की राह आसान होती है। संतोष केसरी ने कहा कि आज जिस मुकाम पर वे खड़े हैं, उसमें उनके गुरुओं का अहम योगदान रहा है। आरकेवीएस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में महावीर प्रसाद, धनंजय सिंह, तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ चंद्रदीप पांडेय उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही सभी अतिथियों और शिक्षकगणों का अभिनंदन करते हुए उनसे केक कटवाया गया। वहीं सभी को सम्मानित किया गया। मौके पर महाविद्यालय के निदेशक अलखनाथ पांडेय ने अपने संबोधन में शिक्षकों की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। आज के समय में एक शिक्षक का यह दायित्व है कि वह केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार भी विद्यार्थियों को दे। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होता है जब बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। धनंजय सिंह ने भी शिक्षक की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि एक आदर्श शिक्षक में धैर्य, अनुशासन, त्याग और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना होना आवश्यक है। शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की नींव रखते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रदीप पांडेय, राजन चौबे, सतीश तिवारी, रितेश जायसवाल, प्रवीण दुब, आनंद मिश्रा, रंजना दुबे, अविनाश मिश्रा, वीणा तिवारी आदि उपस्थित थे।


