भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस ने 4 लाख रिश्वत लेते काबू आरोपी सुरेश शर्मा को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का रिमांड हासिल किया। आरोपी के दफ्तर और घर से बरामद रिकार्ड को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा आरोपी से बरामद मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। विजिलेंस की रडार पर निगम का एमटीपी विभाग भी है। वहीं आरोपी के प्रॉपर्टी के कागजात को भी खंगाले जा रहे है। सुरेश आरटीआई एक्टिविस्ट होने के साथ-साथ वह आम आदमी पार्टी का पूर्व जिला शहरी प्रधान भी रहा है। विजिलेंस के एसएसपी ने बताया कि आरोपी का रिमांड उन्हें मिल गया है। पूछताछ करने पर आगे खुलासे होने की संभावना है। आरोपी के घर और दफ्तर से कई रिकार्ड मिले हैं। ब्लैकमेलिंग करने के मामले में जिसने भी आरोपी सुरेश शर्मा की मदद की होगी, उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। कोर्ट में पेशी के बाद बाहर आते समय आरोपी सुरेश शर्मा ने कहा कि उसे अदालत पर पूरा भरोसा है। उसने कोई ब्लैकमेलिंग नहीं की है। विजिलेंस की टीम ने प्लानिंग के साथ उसके दफ्तर में आकर उसे जबरन काबू किया। ऑफिस में सीसीटीवी भी लगा है, जो सारा खुलासा कर देगा। लेकिन विजिलेंस डीवीआर ले गई है। विजिलेंस कह रही है कि डीवीआर नहीं लेकर गई। बस उसे एक पॉलिथीन पकड़ाया गया था। हाथ से कोई रंग भी नहीं मिला है। बदनाम किया जा रहा है।


