डीग जिले के मेवात इलाके में हो रही साइबर ठगी को रोकने के लिए पुलिस हर तरह की कोशिश करने में लगी हुई है। पूरे जिले में कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस गांव-गांव जाकर पंचायत कर रही है। आज कामां इलाके के पालड़ी गांव में साइबर ठगी और गौ तस्करी को रोकने के लिए पंचायत आयोजित की गई। जिसमें तीन गांव के लोग मौजूद रहे। पंचायत में साइबर ठगी और गौ तस्करी करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने का भी एलान किया गया। पंचायत की अध्यक्षता कर रहे ब्रजलाल ने बताया की पालड़ी गांव में साइबर ठगी और गौ तस्करी को रोकने के लिए पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में पालड़ी, सतवास, कनवाडी गांव के लोग मौजूद रहे। कामां थाना अधिकारी मनीष शर्मा भी पंचायत में पहुंचे। साइबर ठगी और गौ तस्करी को रोकने के लिए लोगों से समझाइश की गई। युवाओं को समझाया गया। वह पढ़ाई में अपना ध्यान लगाए। अपना भविष्य बनाये। पंचायत में तीनों गांव के करीब 150 लोग मौजूद रहे। समझाइश के बाद सभी लोग गौ तस्करी और साइबर ठगी को रोकने के लिए तैयार हुए। पंचायत के दौरान एक 15 व्यक्तियों की निगरानी कमेटी बनाई गई। जो साइबर ठगी और गौ तस्करी करने वाले लोगों पर ध्यान रखेगी। साथ ही उनकी सूचना पुलिस तक पहुंचाएंगी। पंचायत में यह निर्णय लिया गया की जो भी व्यक्ति साइबर ठगी करने वाले आरोपियों की जानकारी देगा उसे 21 हजार का इनाम दिया जाएगा। साथ ही तीनों गांव में जो भी व्यक्ति गौ तस्करी या गोकशी करेगा उस पर पंचायत द्वारा 2 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। जो भी व्यक्ति साइबर ठगी करते हुए पकड़ा गया उस पर 51 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इस दौरान कामां थाना अधिकारी ने कहा की तीनों गांव में से किसी भी व्यक्ति का गौ तस्करी, गोकशी और साइबर ठगी में नाम आता है तो, उसे गांव के लोग ही पुलिस के हवाले करेंगे। इस पर सभी ग्रामीण राजी हुए।


