पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह अमृतसर डीसी साक्षी से मिलेंगे:कहा-आप जैसी शख्सियतें हौसला देती हैं, हॉकी कप्तान बोले-लोगों के साथ खड़े रहना फर्ज

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है। खेतों से लेकर शहरों और गांवों तक पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। हजारों परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा है, जबकि फसलें और लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इसी बीच अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर आईएएस साक्षी सहनी की कार्यशैली पूरे राज्य में उम्मीद की किरण बनी है। क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर उनकी सराहना करते हुए लिखा कि “पंजाब ने मुश्किल समय का सामना किया है और ऐसे हालात में आईएएस साक्षी सहनी जैसी शख्सियतें हमें हौसला देती हैं। अमृतसर की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर के रूप में उन्होंने बाढ़ के दौरान सबसे आगे रहकर नेतृत्व किया, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मौजूद रहीं, लोगों की समस्याएं सुनीं, कार्रवाई की और अपने लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहीं।” साक्षी साहनी से मिलने की इच्छा की जाहिर
युवराज ने आगे कहा कि जब संकट आता है तो सच्चे नेता आराम से पहले कर्तव्य को और खुद से पहले राष्ट्र को रखते हैं। उनके प्रति मेरा सम्मान और आभार। वे जल्द ही डीसी साक्षी साहनी से मुलाकात करने की उम्मीद रखते हैं और कामना करते हैं कि वे इसी तरह पंजाब की सेवा करती रहें। पंजाब के हालात पर हॉकी टीम दुखी
दूसरी ओर, भारत हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक जीत (8 साल बाद खिताब) के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा-“हम दुखी हैं। अभी हम यहां हैं, लेकिन जब वापस जाएंगे तो हमसे जितना होगा, उतना करेंगे। क्योंकि ये लोग हमारे हैं। उन्होंने हमेशा दिल से हमारा साथ दिया है, इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम भी उनके साथ खड़े रहें। मैं सभी एनजीओ और लोगों से अपील करता हूं कि वे छोटी या बड़ी, किसी भी तरह की मदद ज़रूर करें।” पंजाब की मौजूदा स्थिति
पिछले एक महीने से हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। अमृतसर, बठिंडा, तरनतारन, फाजिल्का, फरीदकोट और मानसा समेत कई इलाकों में फसलें चौपट हो गईं। घरों को नुकसान हुआ और सड़कें टूट गईं। सेना, एनडीआरएफ, प्रशासन और स्थानीय संस्थाएं लगातार राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। इस आपदा में जहां प्रशासनिक अधिकारी मोर्चे पर खड़े हैं, वहीं देश के खिलाड़ियों और हस्तियों की भावनात्मक अपील और सहयोग की भावना ने पीड़ितों को अतिरिक्त हौसला दिया है। पंजाब ने पहले भी कठिन हालात का सामना किया है और एकजुट होकर हमेशा और मजबूत बनकर उभरा है।

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