फाजिल्का जिले के अबोहर में लगातार हो रही बारिश के कारण मकानों की छतें गिरने का सिलसिला जारी है। ईदगाह बस्ती में एक और हादसा हुआ। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है, क्योंकि मामले की सूचना पाकर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी घटना स्थल का जायजा लेने के लिए नहीं पहुंचा। छत पर प्लास्टिक की पन्नी डालने गए थे जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह दीपक कुमार और उनका 11 वर्षीय भतीजा निखिल छत पर प्लास्टिक की पन्नी डालने गए थे। इसी दौरान छत गिर गई और दोनों मलबे में दब गए। आसपास के लोगों ने दोनों की चीख-पुकार सुनी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को मलबे से निकाला गया। घायल अवस्था में दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, ईंट-पत्थर गिरने से दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। एक हफ्ते में दूसरी वारदात एक हफ्ता पहले भी अबोहर के दुर्गा नगरी में इसी तरह की घटना हुई थी। छत गिरने से 70 वर्षीय शारदा देवी की मौत हो गई थी और उनकी पड़ोसन घायल हो गई थी। शहर में अब तक दर्जनों मकानों की छतें गिर चुकी हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी न तो घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचा और न ही अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने गया।


