इंदौर के गांधी हॉल में “साझा उत्सव – SHG मेला” आयोजित किया गया है। जिसमें 80 से ज्यादा स्व सहायता समूहों के स्टॉल लगे हैं। रविवार को यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कई प्रकार के व्यंजनों के लुत्फ उठाया। शहरी-गरीबी उन्मूलन प्रकोष्ठ प्रभारी मनीष मामा शर्मा ने बताया कि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के निर्देश पर गांधी हॉल परिसर में “साझा उत्सव – SHG मेला” आयोजित किया गया है। यह मेला 31 दिसंबर तक चलेगा। मेले में इंदौर नगर निगम द्वारा डे-एनयूएलएम, फूड प्रोसेसिंग, पैक्ड फूड और अन्य उत्पादों के 80 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जो स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित हैं। मेले का उद्देश्य “लोकल टू वोकल” को प्रोत्साहन देना है, जहां लोग आवश्यक और सुंदर उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। इस मेले के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा। इस आयोजन से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बढ़ावा मिलेगा। शहरी-गरीबी उपशमन विभाग की दीप्ति रावत ने बताया कि ‘साझा उत्सव’ मेले में 80 से अधिक स्व सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। यह मेला “लोकल से वोकल” को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। स्व सहायता समूहों द्वारा मुगबडी गरम मसाले, आंवला मुरब्बा, लाल मिर्च, अचार, पापड़-बड़ी, फूड मसाले, केक, पेस्ट्री, दही शोले, वेज सुशी, गाय के गोबर से बने आर्टिकल, बैग्स, हैंडीक्राफ्ट, बांस कला, पेपर क्राफ्ट, हैंडमेड साबुन, फिनाइल, हैंडवॉश, हर्बल कॉस्मेटिक्स, हेन्ड मेन्ड सर्फ, सेनेटरी पैड, रेशम के नेकलेस, बंधेज, बटिक, साड़ियां, ब्लाउज, पोशाक, भगवान की पोशाक, रेडीमेड सूट और ज्वेलरी, रेशम के नेकलेस चुड़ियां, वुलन क्लॉथ, मेकअप सजावट, सूट साड़ी, वुलन क्लॉथ, सूट्स-कुर्ते, रेडीमेड कुर्ते जैसे उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय ने देश के 25 शहरों में न्यू मिशन फॉर अर्बन पॉवर्टी एलीविएशन के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया है। इसमें मध्यप्रदेश के तीन शहर—इंदौर, भोपाल और उज्जैन को शामिल किया गया है। शासन की डे-एनयूएलएम योजना के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए साझा उत्सव – SHG मेला में विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं।


