रिजर्व प्राइस 98.26 करोड़ पर 98 करोड़ की बोली लगाकर थ्री आर मैनेजमेंट कंपनी सिंगल बिडर बनी

भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की मुश्किलें जल्द ही खत्म हो सकेगी। थ्री आर मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी 85 वार्डों के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर सबसे कम बोली लगाकर सिंगल बिडर बनी है। निगम ने रिजर्व प्राइस 98.26 करोड़ रखा था। थ्री आर कंपनी ने 98 करोड़ की सबसे कम बोली लगाई है। बता दें कि 85 वार्डों को 2 भागों 44 वार्ड और 41 वार्ड में बांटकर 3-3 साल का टेंडर निकाला गया था। जिसे निगम 8 साल तक एक्सटेंड कर सकता है। फाइनेंशियल बिड क्लियर होने के बाद लोगों में आस जगी है कि वर्कऑर्डर होने के बाद कूड़े के निपटान की समस्या से निजात मिल जाएगी। वहींअवर्डा 22 अक्टूबर से काम करना बंद कर देगी। ऐसे में निगम को वर्कऑर्डर की प्रक्रिया में तेजी लानी होगी। 44 वार्डों के लिए रिजर्व प्राइस 48.87 करोड़ रखी गई मगर एमटी रेट 1628.83 रुपए निर्धारित किया गया और डेली 274 टन कूड़ा उठाना होगा। थ्री आर कंपनी ने 48.75 करोड़ रुपए की बोली लगाई और टन का रेट 1625 रुपए दिया है। इसी तरह 41 वार्डों के लिए रिजर्व प्राइस 49.39 करोड़ रुपए रखा गया था। डेली 281 टन कूड़ा इन वार्डों से कंपनी को उठवाना होगा। पत्येक टन के हिसाब से 1605 रुपए निगम देगी। इसके लिए 49.25 करोड़ की बोली लगाई, जबकि पर टन कूड़ा उठाने के लिए 1600.61 रुपए लगाई है। गौर हो कि निगम कमिश्नर रहे गुलप्रीत सिंह औलख के निर्देशन में यह टेंडर लगाया गया था। चंडीगढ़ से अप्रूवल के बाद निगम से वर्कऑर्डर होते ही कंपनी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम शुरू कर देगी। निगम पहले 3-3 साल फिर 2 साल के लिए एक्सटेंड कर सकेगा। 44 वार्डों के लिए टेक्निकल बिड में भारत विकास ग्रुप (बीवीजी), थ्री आर मैनेजमेंट, एल्वाजो इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने टेक्निकल बिड क्लियर किया था। जबकि 41 वार्डों के टेंडर के लिए बीजीसी और थ्री आर कंपनी ने टेक्निकल बिड फाइनल किया था। दरअसल, कूड़ा उठान शहर की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। सड़कों से लेकर लोगों के घरों का कूड़ा उठाने में निगम की टीमें व अभियान फेल साबित हो रही। इस समय शहर में करीब 90 गाड़ियां कूड़ा उठाने का काम कर रही हैं। जबकि 277 गाड़ियां रोजाना चलनी चाहिए। जो गाड़ियां अभी कूड़ा उठा रहीं वह भी बंद हो गई तो शहर ही कूड़े का डंप बन जाएगा। ईस्ट हलका में सबसे अधिक 18 वार्डों का काम रहेगा। जिसमें 20 से 32 और 43 से 47 नंबर वार्ड शामिल होंगे। जबकि वेस्ट के 9 वार्ड होंगे, जिसमें 77, 79, 81, 83, 86, 53 के अलावा 1,2,3 और वार्ड-5 शामिल हैं। इसी तरह नॉर्थ में 18 वार्डों की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिसमें 6 से 19 और 51 व 4 नंबर वार्ड शामिल होंगे। साउथ में सबसे अधिक 16 वार्डों की जिम्मेदारी होगी जिसमें 33 से 42 और 62 से 67 वार्ड शामिल हैं। जबकि सेंट्रल में 13 वार्ड 48 से 61 और 68 से लेकर 71 नंबर वार्ड तो वेस्ट में 10 वार्ड 72 से 76 फिर 78,80,82,84 और 56 नंबर वार्ड की जिम्मेदारी होगी। सबसे कम नॉर्थ हलका में सिर्फ 52 वार्ड की सफाई का काम कंपनी देखेगी।

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