पंजाब में बाढ़ की स्थिति अभी भी पूरी तरह से काबू में नहीं आई है। राज्य के 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। भले ही डैमों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे चला गया हो, लेकिन कई निचले इलाकों में पानी अभी भी भरा हुआ है। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाएं लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अगले 72 घंटे में यह पता चल जाएगा कि बाढ़ से कितनी फसलें तबाह हुईं। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक आज 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे पहले ही कई इलाकों में पानी भरा होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। आने वाले एक हफ्ते तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं, बीते कल पीएम मोदी ने पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रदेश को 1600 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था, हालांकि इस ऐलान से आप सरकार खुश नजर नहीं आई। 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। लेकिन कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में बारिश हो सकती है। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली के अलग-अलग इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। औसत अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। समराला में सबसे अधिक तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया है। बांधों पर दबाव कम, लेकिन सतर्कता जारी
शहीद भगत सिंह नगर के बुर्ज ताहिल दास के पास सतलुज नदी के धुस्सी डैम का पिछला हिस्सा टूट गया था। इसे बचाने और मजबूत करने के लिए सेना और पुलिस की टीमें लगातार काम करती रहीं। डीसी अंकुरजीत सिंह ने बताया कि अब पानी का प्रवाह कम हो गया है, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। वहीं, रूपनगर जिले के दाऊदपुर गांव में भी दो धुस्सी बांध टूटने की कगार पर पहुंच गए थे। सेना और स्थानीय लोगों की मदद से इन्हें बचा लिया गया। डीसी वरजीत वालिया ने बताया कि दोनों बांधों को स्थायी रूप से मजबूत करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। वहीं, भाखड़ा डैम से आज 10 हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा जाएगा। अब केवल 50 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जाएगा।


