पंजाब के लुधियाना में सतलुज दरिया के किनारे बसे कई गांवों में अभी भी बाढ़ का खतरा बरकरार है। दरिया किनारे बसने वाले गांवों के निवासियों ने प्रशासन पर बांधों की मरम्मत और अवैध रेत खनन को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है। गढ़ी फजल गांव के पास तेज बहाव के कारण कमजोर बांध को नुकसान पहुंचा, जिससे आसपास के गांवों के लोगों की चिंताएं और बढ़ गईं। प्रशासन द्वारा ड्रोन की मदद से दरिया के जलस्तर और ग्रामीण इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लगातार किसानों की जमीनों का कटाव जारी है। अवैध खनन के कारण कमजोर हुए बांध अलावल, ससराली, दुल्लेवाल, तलवंडी नौबाद और गढ़ी फजल के ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन के कारण बांध बेहद कमजोर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों ने दरिया के बेस लेवल को कम कर दिया है, जिससे धुस्सी बांध कमजोर हो गए हैं और मानसून के दौरान टूटने का खतरा बढ़ गया है। 350 एकड़ से ज्यादा खेत सतलुज में समा गए ससराली के किसान सुखदीप सिंह ने कहा कि हर साल हमें पानी के बढ़ते स्तर के कारण सतर्क रहना पड़ता है। लेकिन इस साल स्थिति और खराब है। बांध मजबूत नहीं हैं और दरिया पहले ही खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। अवैध खनन ने बांध की नींव को खोखला कर दिया है। अब हम दरिया के रहमोकरम पर हैं। अब तक 350 एकड़ से अधिक फसल सतलुज दरिया में समा चुकी है। गढ़ी फाजल के निवासी मनजीत सिंह ने कहा कि यहां का बांध फिर से टूट गया है। दस दिनों में यह दूसरी बार हुआ है। हमने अधिकारियों को संरचना की कमजोरी के बारे में पहले ही सूचित किया था, लेकिन कोई रोकथाम नहीं की गई। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि तुरंत मिट्टी और पत्थरों से निचले इलाकों को भरें। दुल्लेवाल के बलविंदर सिंह ने कहा कि हम डर के साए में जी रहे हैं। पानी पहले ही खेतों में घुसना शुरू हो गया है। अगर समय पर कार्रवाई की जाती और खनन माफिया पर नियंत्रण होता, तो बांध मजबूत होते। अब पूरा गांव खतरे में है। तलवंडी नौबाद के हरदीप सिंह ने कहा पूरे धुस्सी बांध को मजबूत करने की जरूरत है। केवल रेत की बोरियां और पत्थर पर्याप्त नहीं हैं। हमें दीर्घकालिक समाधान चाहिए। खनन के कारण भूमि का कटाव इन टूटनों की जड़ है। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निचले और खोखले इलाकों को भारी पत्थरों, मिट्टी और कॉन्क्रीट से भरा जाए। साथ ही, अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और सिंचाई विभाग व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय हो। फिलहाल हालात कंट्रोल में है,टीमें काम कर रही है-डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि मैंने पहले ही अधिकारियों को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है। फिलहाल बांधों को मजबूत करने का काम टीमें कर रही है। 24 घंटे दरिया किनारे वाले गांवों पर नजर रखी जा रही है।


