मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीएसटी सुधारों को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। नवरात्रि से लागू होने वाले ये प्रावधान गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और व्यापारियों के लिए “खुशहाली की सौगात” है। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस के समय कर व्यवस्था बेहद जटिल थी। 2017 से पहले देश में 17 तरह के टैक्स और 13 सेस लागू थे। मोदी सरकार ने 101वें संविधान संशोधन से जीएसटी लागू किया। अब उसमें और सुधार कर चार स्लैब के बजाय दो स्लैब रखने, आवश्यक वस्तुओं को टैक्स फ्री करने और कई उत्पादों पर कर 10 प्रतिशत तक घटाने का फैसला किया है। इससे रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें आमजन के लिए सस्ती होंगी और प्रत्येक परिवार को सालाना करीब 50 हजार रुपए की बचत होगी। नया बिल किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगा किसानों के हितों को सबसे बड़ी प्राथमिकता देने वाले इस सुधार पर सीएम साय ने कहा कि कृषि उपकरणों पर जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत करना किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगा। उन्होंने बताया कि केवल एक ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों को 25 से 63 हजार रुपए तक की बचत होगी। छत्तीसगढ़ में हर साल करीब 30-35 हजार ट्रैक्टर बिकते हैं, जिससे किसानों को 200 करोड़ रुपए से अधिक की सीधी राहत मिलेगी। यही नहीं, हार्वेस्टर, टायर, बागवानी और सिंचाई उपकरण सस्ते होने से उत्पादन लागत घटेगी और कृषि लाभकारी बनेगी। जीएसटी बदलाव से परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी सीएम साय ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा को जीएसटी मुक्त करने के निर्णय को “ऐतिहासिक कदम” बताया। उनके अनुसार यह सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि अब हर वर्ग के लोग बीमा की सुविधा ले सकेंगे, जिससे परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। जनजातीय क्षेत्रों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तेंदूपत्ता और लघु वनोपजों की प्रोसेसिंग मशीन पर जीएसटी कम होने से बस्तर और सरगुजा के संग्राहकों को सीधा फायदा होगा। कोयले पर सेस हटाना भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि केवल प्रोत्साहन राशि के रूप में छत्तीसगढ़ को 6200 करोड़ रुपए मिले हैं, जो राज्य के विकास में सहायक होंगे। यह सुधार “गुड एंड सिंपल टैक्स” का स्वरूप सीएम साय ने कहा कि यह सुधार वास्तव में “गुड एंड सिंपल टैक्स” का स्वरूप है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुधार गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के जीवन स्तर को ऊपर उठाने वाला है। विकसित भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।


