भास्कर न्यूज| चाईबासा जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा 1 सितंबर को एनएच 75 ई रिंगरोड से संबंधित जारी की गई चिट्ठी के आलोक में शुक्रवार 12 सितंबर को सदर प्रखंड के करला जोड़ी मिशनरी ऑफ चैरिटी के पास ग्रामीण मुंडा गोविंद पूर्ति की अध्यक्षता में ग्रामीण एकत्रित थे। लेकिन जिले के उपायुक्त और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। जबकि 12 एवं 13 सितंबर को उपरोक्त सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में सदर, खूंटपानी, झींकपानी अंचल के अंतर्गत 16 राजस्व मौजा में रिंगरोड स्थलीय निरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित था। लेकिन ग्रामीणों द्वारा सुबह 10 से शाम 4 बजे तक जिला प्रशासन का इंतजार किया गया, लेकिन जिला का कोई पदाधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचा। उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्वज के समय से निजी कृषि योग्य जमीन यानी खतियानी जमीन को एनएच 75 ई रिंगरोड परियोजना के लिए किसी भी हाल में एक इंच जमीन नहीं देने का निर्णय लिया है। जब तक इस परियोजना को रद्द नहीं किया जाता, तब तक विरोध जारी रखने का निर्णय लिया गया है।


