3 हजार वर्गकिमी में है जेडीए का क्षेत्राधिकार:18 जोन, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों की रोज 70 से 80 शिकायतें, इंस्पेक्टर 4 ही हैं, जरूरत 22 की

मास्टर प्लान के अनुसार सुनियाेजित बसावट करवाने के लिए जिम्मेदार जेडीए की प्रवर्तन शाखा पिछले 7 महीने से केवल 20 फीसदी मैन पावर के साथ ही काम कर रही है। राजधानी में जेडीए का क्षेत्राधिकार चंदवाजी से शिवदासपुरा, बस्सी से कालवाड़ राेड, फागी रेनवाल से चाैमूं तक करीब 3 हजार वर्गकिमी तक फैला है। जेडीए ने सुनियाेजित विकास के लिए अलग-अलग 18 जाेन में बांट रखा है। इन जाेन एरिया से अवैध निर्माण, अतिक्रमण, अवैध काॅलाेनी बसावट की रोज करीब 70 से 80 शिकायतें जेडीसी, डीआईजी, कंट्राेल रूम में राेजाना आती है, लेकिन इनके निस्तारण के लिए केवल 4 प्रवर्तन अधिकारी ही लगे हैं। ऐसे में राेजाना केवल 7 से 8 शिकायताें का निस्तारण हाे पा रहा है और प्रवर्तन शाखा में पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। इंस्पेक्टर लगाने के लिए जेडीए अधिकारी लगातार यूडीएच मंत्री और डीजीपी तक काे पत्र लिख चुके हैं। खुद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मुख्यमंत्री काे पत्र लिखकर इंस्पेक्टरों की प्रतिनियुक्त की मांग की थी, लेकिन अभी तक जेडीए की प्रवर्तन शाखा काे डेपुटेशन प्रवर्तन अधिकारी नहीं मिले। एक प्रवर्तन अधिकारी के पास 4 से 5 जाेन, शिकायत के निस्तारण के लिए 50 किमी तक घूमना पड़ रहा जेडीए में पुलिस विभाग ने केवल 4 प्रवर्तन अधिकारी लगे हैं। इसके अलावा दाे इंस्पेक्टर जेडीए सेवा से कार्यरत हैं। जरूरत के अनुसार प्रवर्तन अधिकारी नहीं हाेने से एक प्रवर्तन अधिकारी काे 4 से 5 जाेन की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा उपनियंत्रक अधिकारियाें काे फील्ड में भेजा जा रहा है। वहीं एक-एक शिकायत के निस्तारण के लिए प्रवर्तन अधिकारी काे 40 से 50 किमी घूमना पड़ रहा है। जाेनवार एक साथ दस-दस कार्रवाई करने काे मजबूर जेडीए में प्रवर्तन शाखा में प्रवर्तन अधिकारियाें की कमी के चलते जाेनवार अतिक्रमण, अवैध काॅलाेनी, आम रास्ताें से अवैध निर्माण हटाने के लिए एक साथ कार्रवाई की प्लानिंग की जाती है। इसके अलावा हाईकाेर्ट आदेश के बाद मुख्य सड़काें से अतिक्रमण हटाने की प्लानिंग नहीं हाे रही। जाप्ता नहीं हाेने से रिपाेर्ट, डिमार्केशन की कार्रवाई पूरी नहीं हाे पा रही। सरकारी जमीनाें से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पेंडिंग चल रही यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जेडीए काे सरकारी जमीनाें से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जाेन उपायुक्ताें जेडीए रीजन में करीब 800 बीघा जमीन से अतिक्रमण की रिपाेर्ट प्रवर्तन शाखा काे साैंपी थी। अब तक 319 बीघा से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हाे चुकी है, लेकिन कई बड़ी जमीनाें से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पेंडिंग चल रही है।

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