यदि हमारे जीवन में हंस रूपी अरिहंत परमात्मा नहीं है तो ये जीवन बेकार है : साध्वी प्रीतिसुधा

भास्कर न्यूज | लुधियाना श्री आत्मानंद जैन सभा और महासमिति के संयोजन से पुराना बाजार स्थित जैन उपाश्रय में चातुर्मास के अवसर पर सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें गच्छाधिपति पद्मश्री विभूषित शांतिदूत आचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सुरिश्वर महाराज साहिब की आज्ञानुवर्ती साध्वी प्रीतिरत्ना महाराज, साध्वी प्रीतिसुधा महाराज और साध्वी प्रीतियशा महाराज पधारे। साध्वी प्रीतिसुधा और साध्वी प्रीतियशा ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि जैसे तालाब की सुंदरता जल से और बाग की सुंदरता पुष्पों से होती है, वैसे ही जीवन की शोभा अरिहंत परमात्मा से होती है। यदि जीवन में अरिहंत का स्मरण नहीं है तो यह जीवन निरर्थक है। साध्वियों ने भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि श्रावक-श्राविकाओं को आमंत्रित करना, सम्मानपूर्वक भोजन कराना और धर्म-कर्म में सहयोग देना आवश्यक है। श्रावकों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर यह भी घोषणा हुई कि पंजाब केसरी श्रीमद विजय वल्लभ सुरिश्वर की 71वीं पुण्यतिथि और सक्रांति महोत्सव 16 सितंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक साधार्मिक भक्ति और दोपहर 12 बजे विशेष कार्यक्रम होंगे। इस दिन के लाभार्थी माया देवी लाभचंद जैन (होशियारपुर) परिवार रहेंगे। उनके वंशज तरसेम लाल, सुषमा जैन सहित मनीषा संदीप जैन, निधि अमिताशु जैन, तृप्ति सुहेल कनुगा, अरनव, दारिका और अर्हम जैन शामिल होंगे। इसके अलावा 17 सितंबर को आसोज वदी एकादशी पर अष्टप्रकारी पूजा सुबह 9 बजे और सामूहिक आयंबिल दोपहर 12 बजे होगा। इसके लाभार्थी ज्वाहर लाल अभिलाष ओसवाल, कमल, मनीष ओसवाल और दमन रितु ओसवाल होंगे। यह जानकारी महासमिति के मनोज जैन ने दी।

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