पंचायत में आशा वर्कर बोली सारा सौदा पीआरओ ने किया

नवजात बच्चे को बेच देने के मामले में धांधरा रोड की एक आशा वर्कर पर आरोप है कि उसने नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद बेच दिया। दैनिक भास्कर की ओर से इस मामले में खुलासा करने के बाद शहीद भगत सिंह नगर के सरपंच संजय तिवारी और रूप नगर के सरपंच मदन राणा ने पंचायत बुलाई। इसमें नवजात की मां रीटा, आशा वर्कर रेनू, रीटा के पिता नरेश कुमार व ससुर गजराज और आशा वर्कर की प्रधान राजवीर कौर को बुलाया। पंचायत में पूछताछ के दौरान आशा वर्कर रेनू ने पहले सब कुछ नकार दिया। पर जब आशा वर्कर प्रधान राजवीर कौर ने समर्थन जताया, तो रेनू ने स्वीकारा कि उसने सिर्फ 30 हजार की कमीशन ली है। सारा सौदा पीआरओ राम कुमार ने किया। जैसे ही एसीपी साउथ गिल हरजिंदर सिंह का फोन पंचायत में आया, तो रेनू अपना मोबाइल बंद कर देवर के साथ फरार हो गई। एसीपी साउथ गिल हरजिंदर सिंह ने कहा कि अभी तक उनके पास कोई मिलने नहीं आया है। सोमवार को खुद इस मामले की जांच करेंगे। बच्चा बरामद नहीं किया तो कल सीपी दफ्तर घेरेंगे सरपंच मदन राणा ने बताया कि इस आशा वर्कर रेनू के खिलाफ पहले भी कई शिकायत आई हैं। अब पंचायत के सभी सदस्य इसके खिलाफ सिविल सर्जन को शिकायत करेंगे कि आरोपी रेनू को आशा वर्कर विभाग से निकाला जाए। वहीं, सरपंच संजय तिवारी ने बताया कि यह बच्चा ढाई लाख का नहीं बल्कि ज्यादा कीमत का बिका है। सरपंच संजय तिवारी और सरपंच मदन राणा ने कहा कि अगर पुलिस ने 2 दिन में पर्चा दर्ज कर बच्चा बरामद नहीं किया, तो सोमवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करेंगे। बच्चे की मां : आशा वर्कर ने दिया था लालच नवजात की मां रीटा ने पंचायत में बताया कि आशा वर्कर रेनू ने उसे लालच देकर कहा था कि लड़की हुई तो 1 लाख और लड़का हुआ तो 2.5 लाख मिलेंगे। रीटा ने बताया कि 15 जुलाई की रात 2 बजे उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन होश आने पर बच्चे की झलक तक नहीं दिखाई गई। आशा वर्कर ने बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर लगातार किसी से फोन पर बात की कि “मुंडा होया है, गोरा है, पंजाबी दा है। सुबह 7 बजे आशा वर्कर रेनू बच्चे को गोदी में लेकर कार में बैठी। पीछे रीटा और उसकी मां प्रेमा देवी को बैठा कर एक घंटे तक घुमाया गया। फोन पर कारोबारी से बात कर रही रेनू ने बच्चे की फोटो भेजी और जवाब मिला अच्छे कपड़े और डाइपर में लेकर आओ। ढाबे पर कार रोककर चाय पिलाई गई और फिर एक सुनसान जगह पर ले जाकर कागज पर दस्तखत करवा लिए। दस्तखत कराने के बाद आशा वर्कर रेनू ने कहा-”ये 2.5 लाख रुपए रख, अब तू मुझे नहीं जानती और मैं तुझे नहीं। इसके बाद रीटा और उसकी मां को जैन मंदिर के पास उतार कर चले गए।

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