भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब में आई बाढ़ के बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के राहत कार्यों पर एसजीपीसी के कार्यकारिणी सदस्य जसवंत सिंह पुड़ैन एवं अन्य कुछेक सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों का एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाबवासियों को पारदर्शी तरीके से राहत सामग्री बांटी जा रही है जबकि पुड़ैन व अन्य विरोधी लोग बाढ़ की स्थिति में राजनीति कर रहे हैं। यह समय पीड़ितों का दर्द बांटने का है, राजनीति करने का नहीं। एडवोकेट धामी ने कहा कि जसवंत सिंह पुड़ैन एवं अन्य सदस्य गलत बयानबाजी कर सिख कौम को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी पहले दिन से ही बिना किसी भेदभाव के लोगों को राहत सेवाएं प्रदान करती आ रही है। एसजीपीसी द्वारा बाढ़ पीड़ितों को राहत प्रदान करने के लिए 20 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जबकि 77 लाख रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं, 4 सितंबर को इस खर्च का ब्यौरा भी सार्वजनिक कर दिया गया था। इसके बावजूद पुड़ैन खर्च की जा रही राशि का हिसाब न दिए जाने के आरोप लगा सस्ती राजनीति करने पर अड़िंग हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने विभिन्न गुरुद्वारों से किए गए राहत कार्यों और अब तक हुए खर्च का ब्यौरा भी मीडिया के साथ साझा किया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी के ये चंद सदस्य गुरुद्वारा नानकियाना साहिब संगरूर से राहत सेवाओं के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शिरोमणि कमेटी द्वारा नियमों से बाहर कोई काम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि घग्गर नदी के डैमों को मजबूत करने के लिए लोगों द्वारा की गई मांग पर शिरोमणि कमेटी ने 3 हजार लीटर डीजल के प्रावधान को मंजूरी दी थी, जिसमें से 2 हजार लीटर तेल संगत को दिया जा चुका है। लोगों द्वारा की गई मांग और जिन लोगों तक तेल पहुंचा, उनका विवरण समेत पूरा रिकॉर्ड गुरुद्वारा साहिब में उपलब्ध है। शिअद के प्रमुख बादल व उनकी टीम अपने स्तर पर राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचा रहे हैं, इसका एसजीपीसी से कोई लेना देना नहीं है। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी सदस्य राजिंदर सिंह मेहता, जत्थेदार बावा सिंह गुमानपुरा, सुरजीत सिंह भिट्टेवड, बाबा बूटा सिंह, गुरचरण सिंह ग्रेवाल, अजायब सिंह अभ्यासी, गुरुमीत सिंह बूह, अमरजीत सिंह भलाईपुर, बीबी गुरिंदर कौर, ओएसडी सतबीर सिंह, सचिव प्रताप सिंह, बलविंदर सिंह काहलवां, निजी सचिव शाहबाज सिंह, उप सचिव हरभजन सिंह वक्ता, अधीक्षक निशान सिंह मौजूद थे।


