पेट में ‘फोरसेप’ छोड़ने पर कार्रवाई नहीं, अब परिजन कोर्ट में लगाएंगे न्याय की गुहार

मेहगांव की रहने वाली महिला के 19 माह पहले पेट में ऑपरेशन में यूज होने वाली मॉसकीटो आर्टरी फोरसेप छोड़ने के मामले में जेएएच प्रबंधन कार्रवाई से बच रहा है। एक माह पहले इस मामले का खुलासा हो गया और जांच रिपोर्ट भी गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन पर पहुंच गई है, लेकिन जांच के बाद भी प्रबंधन आरोपी डॉक्टर्स पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। महिला का ऑपरेशन करीब एक माह पहले हो चुका है, लेकिन जीआरएमसी और जेएएच प्रबंधन इस मामले में किसी को दोषी मानकर कार्रवाई करना तो दूर अभी तक जांच रिपोर्ट का भी खुलासा नहीं किया है। पीड़ित महिला के पति ने जीआरएमसी और जेएएच प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले में न्याय पाने के लिए अब न्यायालय की शरण में जाएंगे। यह है मामला पेट दर्द की समस्या पर मेहगांव निवासी कमला देवी के पति ने इलाज के लिए प|ी को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां जांच के बाद डॉ.यू त्रिपाठी और डॉ.पी शर्मा की टीम ने 20 फरवरी 2023 को ऑपरेशन किया था। इलाज के 19 महीने बाद कमला कोे पेट में दर्द होने पर पति कमलेश जाटव ने प|ी को जिला अस्पताल भिंड में भर्ती कराया। वहां सीटी स्कैन में महिला के पेट में फोरसेप होने की बात सामने आई थी। 30 नवंबर को महिला को केआरएच में भर्ती कराया, जहां 1 दिसंबर को ऑपरेशन कर फोरसेप को बाहर निकाला।

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