सतना में इस साल जून में 13 ट्रक गेहूं की फर्जी खरीद दिखाकर फर्जीवाड़े की जांच अभी भी अधूरी है। सभी निलंबित किए अफसर बहाल हो चुके हैं वहीं 59 किसान जिन्होंने संबंधित स्व सहायता समूह के माध्यम से असल में गेहूं बेचा था, उनके 1 करोड़ से अधिक रुपए अभी भी जांच के चलते रुके हैं। रविवार को इन 59 परिवारों से जुड़े 150 लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनके खातों में जमा राशि पर लगी रोक हटाई जाए।
सतना में सरकारी गेहूं की खरीदी में 93 लाख क ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया था। रिकॉर्ड में किसानों से लगभग 3860 क्विंटल फर्जी खरीद दिखाकर गेहूं का परिवहन होना भी दिखा दिया। मामला खुलने पर नागरिक आपूर्ति निगम ने सतना के जिला प्रबंधक अमित गौड़ को निलंबित कर दिया था। एफआईआर भी हुई थी। लगभग 85 किसानों के खाते होल्ड कर दिए गए थे। कुल 4 अफसरों सहित 6 लोगों पर मामला दर्ज हुआ था। बाद में सभी अधिकारी बहाल कर दिए गए। विधानसभा में उठा था मामला
हाल के विधानसभा सत्र में भी इस मामले पर प्रश्न आया था। हालांकि सरकार की तरफ पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए अब तक हुई कानूनी कार्रवाई का जिक्र किया गया। कहा गया था कि मामले में अभी जांच जारी है। एक करोड़ की राशि होल्ड
कारीगोही,वीरपुर,सेलौ रा,सोनवर्षा और अमिरीति के 150 किसान रविवार को सतना कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इन लोगों की लगभग 1 करोड़ की गेहूं की राशि होल्ड पर है। किसान नेता सुभाष पांडे ने बताया कि खातों पर लगी रोक से शादी-ब्याह, शिक्षा, इलाज जैसी जरूरतों के लिए किसान मोहताज हैं। जबकि दोषियों पर कार्रवाई की जगह बहाल कर दिया गया है। वहीं क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि जिन किसानों ने गेहूं बेचा उनका भुगतान तत्काल होना चाहिए। जो दोषी थे उन पर सख्त कार्रवाई हो।


