दिसंबर खत्म होने को है लेकिन शहर में चिकनगुनिया के मरीज मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा है। दिसंबर में महीने में अब तक 21 मरीज सामने आ चुके हैं। इससे भी ज्यादा चिंताजनक यह है कि इस साल जनवरी से अब तक चिकनगुनिया के 325 मरीज मिले हैं। जबकि, बीते साल दिसंबर महीने में सिर्फ 11 मरीज मिले थे, यही नहीं बीते साल में सिर्फ 123 मरीज सामने आए थे। लेकिन, इस बार बीते साल के मुकाबले किचनगुनिया के 202 मरीज ज्यादा मिल चुके हैं। चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या पिछले साल के मुकाबले इस साल ढाई गुना से भी अधिक है। इस संबंध में डॉक्टरों का कहना है कि चिकनगुनिया के वायरस में म्यूटेशन हो रहा है इस कारण इसका स्ट्रेन बदल गया है। यही वजह है कि गए साल के मुकाबले इस बार वायरस जोड़ों पर ज्यादा अटैक कर रहा है। महीनों तक चल रहा दर्द
चिकनगुनिया की जद में आए अधिकांश मरीज 10 से 12 दिन में बुखार आदि से उभर पा रहे हैं। लेकिन, ज्वाइंट पेन और शरीर में जकड़ जैसी परेशानियां लंबी चल रही हैं। कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि जब तक दवाएं खाओ दर्द से राहत है, दवाएं बंद करने पर तीन महीने और उससे भी ज्यादा वक्त तक दर्द परेशान कर रहा है। डेंगू भी डरा रहा: डेंगू के मरीज भी लगभग हररोज सामने आ रहे हैं। इस दिसंबर माह में डेंगू के 22 नए मरीज सामने आए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस साल अब तक कुल 692 मरीज ही सामने आए हैं। जो गए साल के मुकाबले कम है। पिछले सालभर में 856 मरीज सामने आए थे। यह सही है कि चिकनगुनिया के मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं। इसकी एक वजह वायरस का स्ट्रेन बदलना भी है। इस बार का वायरस जोड़ों पर ज्यादा असर कर रहा है। लोगों को रिकवरी में तीन महीने या ज्यादा वक्त भी लग रहा है।
डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव, मेडिसिन एक्सपर्ट, जेपी अस्पताल


