प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर महिला विधायकों की जासूसी का आरोप लगा दिया है। इस बयान के बाद दोनों दलों के नेता आमने सामने हो गए हैं। संवैधानिक पद पर रहते हुए देवनानी पर डोटासरा ने कहा कि स्पीकर रेस्ट रूम में बैठकर महिलाओं को देखते हैं। उनके कपड़े तक देखते हैं। विधानसभा में लगे हिडन कैमरों का एक्सेस खुद स्पीकर के चैम्बर के निजी कक्ष में है और वह महिला विधायकों की निगरानी करते हैं। इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि स्पीकर साहब रेस्ट रूम में बैठकर महिलाओं को देखते हैं। एक संवैधानिक पद पर बैठा आदमी हमारी महिला विधायकों पर कैमरे लगाकर एक्सेस अपने पास रखता है। ऐसे को पद पर रहने का अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि सदन में ना पक्ष लॉबी में दो अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। निराधार आरोप लगाना बेहद शर्मनाक : दिया कुमारी उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिए गए शर्मनाक बयानों से उनकी संकीर्ण और महिलाओं के प्रति संवेदनहीन मानसिकता साफ झलकती है। पिछली विधानसभा में भी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यह कहकर कि “यह तो मर्दों का प्रदेश है” महिलाओं का अपमान किया था। आज फिर उसी विकृत सोच की झलक देखने को मिल रही है। जिन वरिष्ठ राजनीतिज्ञों ने अपना संपूर्ण जीवन राजनीति और समाज सेवा को समर्पित किया है, उन पर निराधार और अपमानजनक आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है। इससे कांग्रेस की हताशा और गिरी हुई राजनीति का स्तर साफ दिखाई देता है। जनता महिलाओं का अपमान करने वाली कांग्रेस को कभी स्वीकार नहीं करेगी।


