शारदीय नवरात्र 8 दिनों बाद शुरू होंगे। इन नवरात्र में दुर्ग्याणा तीर्थ के बड़ा श्री हनुमान मंदिर में लंगूर बनने वाले बच्चे अपने परिवार के साथ रविवार को लंगूरी बाणा लेने पहुंचे। पितृ पक्ष होने के बावजूद कई लोग लंगूरी बाणा लेने सुबह से ही मंदिर में पहुंच गए। क्योंकि उनका मानना है कि इन लंगूरी बाणों को घर ले जाकर एक बार साफ-सफाई करके रख लें फिर 12 दिन यहीं धारण करने पड़ेंगे। इस्लामाबाद से अपने बच्चे के साथ लंगूरी बाणा लेने आई सुनीता कुमारी ने कहा कि उन्होंने पिछली बार भी अपने बेटे को लंगूर बनाया था। इस बार फिर से बेटा लंगूर बनेगा और उनकी तरफ से मांगी मन्नत पूरी होगी। इसी तरह फतेहगढ़ चूड़ियां नंगली से बेटा और बेटी को लंगूर बनाने के लिए आई संतोष रानी ने कहा कि काफी साल पहले उन्होंने मंदिर में आकर मन्नत मांगी थी जो पूरी हो गई और अब दोनों बच्चों को लंगूर बनाना है। इसी तरह से रानी निवासी जंडियाला भी अपने बड़े बेटे रोहित के लिए लंगूरी बाणा लेने मंदिर में आई। लंगूरी बाणा लेने के बाद सभी ने मंदिर में माथा टेका और श्री हनुमान जी से परिवार की सुख शांति मांगी। सुबह से लेकर शाम तक करीब 120 लोग लंगूरी बाणा लेकर गए। श्री गिरिराज सेवा संघ के प्रधान संजय मेहरा के मुताबिक दुर्ग्याणा कमेटी की ओर से इस लंगूर मेले की सारी तैयारियां कर ली हैं। पहले दिन सैकडों पंडित दुर्ग्याणा परिसर में लंगूर बनने वाले बच्चों की पूजा करवाएंगे। स्नान के बाद बच्चे लंगूरी बाणा धारण करेंगे जो दशहरा के अगले दिन माथा टेकने के बाद उतारेंगे।


