जैसलमेर में छाया घना कोहरा:विजिबिलिटी हुई बेहद कम, बढ़ा ठंड का असर

जैसलमेर जिले में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया। पूरा शहर कोहरे की आगोश में समा गया। इस दौरान विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी गाड़ी वालों को हुई। सभी हेड लाइट जलाकर गाड़ियां चला रहा थे। सोनार फोर्ट, गड़ीसर लेक समेत कई पर्यटक स्थल कोहरे की चादर में लिपट गए। घने कोहरे के कारण ठंड का असर भी तेज हो गया। लोग ठंड से बचने का जतन करते नजर आए। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे का यलो अलर्ट है। आगामी 4-5 दिनों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। जैसलमेर जिले तापमान में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। वहीं पिछले 5-6 दिनों से छा रहा कोहरा सोमवार को दुबारा लौट आया। कोहरा छाने से सर्द हवाओं ने सबको धुजाया और कड़ाके की सर्दी का असर रहा। हालांकि पिछले 2 दिनों में सर्द हवाओं के थमने से कड़ाके की सर्दी से लोगों को मामूली राहत मिली थी। मगर सोमवार को दुबारा कोहरा छा जाने से कड़ाके की ठंड ने सबको परेशान किया। जिले में रविवार को रात के पारे में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। दिन व रात के पारे में 15 डिग्री का अंतर रहा। शहरी क्षेत्र के मुकाबले नलकूप व नहरी क्षेत्र में सर्दी का असर अभी भी तेज है। लोग सर्दी से बचने के लिए तरह तरह के जतन कर रहे हैं। पारा गिरने से लगातार बढ़ेगा सर्दी का असर मौसम विभाग ने जिले में आगामी चार दिन तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। हालांकि प्रदेश के कई इलाकों में घना कोहरा व शीतलहर चलने का येलो अलर्ट है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी 4-5 दिनों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। पिछले साल के मुकाबले इस साल सर्दी ज्यादा गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर के अंतिम दिनों में सर्दी का असर कम था। पिछले साल के मुकाबले इन दिनों सर्दी का असर तेज है। 28 दिसंबर 2023 को दिन का पारा 27.5 व रात का पारा 9.4 डिग्री दर्ज हुआ था। लेकिन 28 दिसंबर 2024 को दिन का पारा 23.5 डिग्री व रात का पारा 6.4 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं 29 दिसंबर 2023 को दिन का पारा 27.4 डिग्री व रात का पारा 9.8 डिग्री रहा था। जो रविवार को 23 डिग्री व 8 डिग्री दर्ज हुआ। पिछले वर्ष दिसंबर के अंतिम दिनों में सर्दी का असर इन दिनों से कम था।

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