सवाई माधोपुर में रविवार शाम को महाकाल उज्जैन से नजारा देखने को मिला। यह पर उज्जैन से कलाकारों ने काला गोरा भैरव की मनमोहक झांकी सजाई गई। दरअसल, उज्जैन से आए पुजारी प्रमोद योगी ने रविवार शाम को काला गोरा भैरव मंदिर में महाकाल भैरव झांकी सजाई। इस दौरान शहर के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काला गोरा की मनमोहक की झांकी देखकर श्रद्धालु प्रफुल्लित नजर आए। इस दौरान बाबा काला गोरा को 56 भोग भी लगाया और झांकी भी सजाई गई। जिसके बाद 56 भोग की प्रसादी वितरित की गई। तंत्र विद्या का विश्वविद्यालय कहा जाता है काला गोरा मंदिर सवाई माधोपुर के पुराने शहर के प्रवेश द्वार के पास एक पहाड़ी पर काला गोरा भैरव मंदिर वास्तुकला और तांत्रिक सिद्धियों के लिए प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नौ मंजिला है, मंदिर सरंचना ऐसी है कि बिना ऊपर जाएं भी दर्शन किए जा सकते हैं। किदवंती है कि यह मंदिर हजारों साल पुराना है, लेकिन ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर काला गोरा भैरव मंदिर को 1763 ई. में जयपुर के तत्कालीन शासक महाराजा माधोसिंह प्रथम ने स्थापित किया था। इस मंदिर का मुख्य आकर्षक यहां की तांत्रिक विद्या पर आधारित मूर्तिकला है। पूरे विश्व में यह मंदिर तांत्रिक साधना का विश्वविद्यालय माना जाता है। मंदिर में एक प्रतिमा काला भैरव की है और दूसरी गोरा भैरव की प्रतिमा है। जिसके चलते इस मंदिर का नाम काला गोरा भैरव पड़ा।


