कॉलेज-लगातार खुल रहे, पर उनमें सुविधाओं की-कमी है, क्या कहेंगे?:टंकराम- राजनीतिक मांग पर खोल दिए कॉलेज, न शिक्षक दिए और न भवन, अब ऐसा नहीं होगा; जो खुल चुके उन्हें भी संवारेंगे

प्रदेश में लगातार खुलते जा रहे कॉलेजों और उनमें सुविधाओं की कमी को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने दो टूक कहा है कि राजनीतिक मांग पर कॉलेज तो खोल दिए, लेकिन इनमें सुविधाएं नहीं दी गईं। बहुत से कॉलेजों में सुविधाओं का अभाव है। उनके खुद के भवन नहीं हैं और पढ़ाने वाले भी कम हैं। अब राजनीति नहीं, जरूरत के आधार पर कॉलेज खोले जाएंगे। जहां 40-50 किलोमीटर के दायरे में कोई कॉलेज नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर इन्हें खोला जाएगा। इसी तरह जो खुल चुके हैं, उन्हें संवारेंगे। ये बातें उच्च शिक्षा मंत्री ने दैनिक भास्कर कार्यालय में हुई विशेष बातचीत में बताई। उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती, सीजी सेट, कॉलेजों में एडमिशन, प्लेसमेंट कैंप, एनईपी समेत कई विषयों पर बेबाकी से जवाब दिए। ये हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश… ​असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए विज्ञापन कब जारी होगा?
टंकराम: भर्ती के लिए अभी वित्त से स्वीकृति मिली है। यह भर्ती सीजीपीएससी से होगी। इसके लिए जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा। ​असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती छह साल बाद निकल रही है, इस बीच कई युवाओं की उम्र निकल गई है, आयु सीमा में छूट दी जाएगी?
जवाब: अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। ​असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती से पहले सीजी सेट होगा?
जवाब: प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का अवसर मिले, इसलिए पहले सीजी सेट होगा उसके बाद वैकेंसी आएगी। ​कॉलेजों में बहुत सी सीटें खाली रह जाती है, ऐसा क्यों?
जवाब : पिछले साल से एनईपी लागू हुई है। यह काफी अच्छा है। लेकिन इसकी जानकारी सही तरीके से छात्रों तक नहीं पहुंचाई गई। अब कार्यशाला और अन्य माध्यमों से इसकी जानकारी छात्रों को पहुंचाएंगे। उम्मीद है कि इससे स्थिति में सुधार होगा। ​सरकारी इंग्लिश मीडियम कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी?
जवाब : राज्य में दस शासकीय अंग्रेजी माध्यम के कॉलेज हैं। इसमें सुधार की जरूरत है। इस दिशा में काम किया जाएगा। नई की योजना अभी नहीं है। ​स्कूल शिक्षा में युक्तियुक्तकरण हुआ उच्च शिक्षा में भी होगा क्या?
जवाब: यहां युक्तियुक्तकरण नहीं होगा, लेकिन संतुलन बनाने के लिए समायोजन किया जाएगा। जो शिक्षक बरसों से शहर में हैं उन्हें गांव भेजा जाएगा। जो प्रतिनियुक्ति पर हैं उन्हें वापस लाया जाएगा। ​स्कूल की तरह कॉलेज शिक्षकों की ट्रेनिंग क्यों नहीं होती?
जवाब: कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसरों की भी ट्रेनिंग होनी चाहिए। उन्हें बदलते दौर की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए स्थायी ट्रेनिंग सेंटर जो आवासीय हो, बनाया जा सकता है। इस पर विचार कर रहे हैं। उद्योगों को शिक्षा से जोड़ेंगे, कौशल विकास के लिए केंद्र खोलेंगे ​छात्रों के कौशल विकास के लिए कोई योजना है?
जवाब: कौशल विकास के लिए प्रदेश के अग्रणी महाविद्यालयों में सेंटर खोले जाएंगे। छात्रों को शिक्षा से साथ ही रोजगार भी मिले इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। ​कॉलेजों में प्लेसमेंट कैंप नहीं लगता है। छात्र ​डिग्री के बाद बाहर नौकरी ढूढ़ते हैं, आपकी क्या योजना है?
जवाब : कॉलेजों में प्लेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे इसके लिए योजना बनाई जाएगी। उद्योगपतियों से बात करेंगे।

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