भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम सफाई मजदूर यूनियन ने 2 महीने से वेतन लटकने पर अफसरों को चेताया है कि 48 घंटे में जारी नहीं हुआ तो हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने 17 सितंबर को जालंधर कंपनी बाग में सूबे भर के सफाई सेवकों की मीटिंग सुबह 11 बजे बुलाई है। यूनियन नेता विनोद कुमार बिट्टा, सुरिंदर टोना, रिषी कुमार ने बताया कि 2 माह से सफाई मुलाजिमों का वेतन नहीं आया है। प्राइवेट कंपनी के काम छोड़ जाने से शहर में गंदगी भरा पड़ा है। बारिश के कारण महामारी फैलने का डर है। उधर प्राइवेट सफाई कर्मियों का वेतन भी कंपनी नहीं दे रही यह उनकी नोटिस में आया है। उन्होंने बताया कि सरकारी-गैर सरकारी सफाई सेवकों से कई बार शहर के बाहर ले जाकर तो कहीं अवकाश वाले दिन रविवार को और रात के समय काम लिया जाता है। यदि इस तरह की ड्यूटी प्राइवेट-सरकारी किसी भी तरह के मुलाजिम से लिया गया तो हेल्थ अफसर डॉ. किरण कुमार, डॉ. योगेश अरोड़ा, डॉ. रमा और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, सेनेटरी इंस्पेक्टर को चेतावनी है कि जिसने भी काम लिया होगा उसके खिलाफ पर्चा दर्ज करवाएंगे। यूनियन नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार पंजाब के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में सफाई और अन्य कार्यों का ठेका दिल्ली की एक कंपनी को दे रही है। जो वाल्मीकि समाज के वर्चस्व को खत्म करने की कोशिश कर रही है। पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन इसका विरोध करती है।


