कोडरमा जिले में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर तिलैया डैम पर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को डैम का जलस्तर बढ़कर 1213.30 फीट तक पहुंच गया। जबकि इसका डेंजर लेवल 1218.06 फीट है। जलस्तर तेजी से बढ़ते देख डैम प्रशासन ने एहतियातन सोमवार रात 9:30 बजे डैम के चार फाटक खोल दिए। डैम से हर सेकेंड करीब 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आसपास के गांवों में माइकिंग कर दी गई सूचना डीवीसी तिलैया डैम के हेडल सैयद महताब कादरी ने बताया कि फाटक खोलने से पहले आसपास के गांवों में माइकिंग कर लोगों को सचेत किया गया। प्रशासन ने लोगों को डैम और नदी किनारे न जाने की हिदायत दी है। बच्चों को भी जलाशय के आसपास जाने से रोकने की सलाह दी गई है। वहीं, डैम से सटे तिलैया बस्ती, चंदा बीघा, बेला, नवाडीह, करगईयो, कोलहुआ, सुगसांख, बेहरो, उसहन, करायण, धराईडीह, तमई, बीपा, मूर्तिया और कांटी गांवों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। लगातार निगरानी के लिए टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पानी छोड़े जाने के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस बार दूसरी बार खोले गए फाटक बताते चलें कि पिछले माह भी लगातार हुई बारिश के कारण तिलैया डैम का जलस्तर काफी बढ़ गया था। तब 23 अगस्त को डैम के आठ फाटक खोलने पड़े थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही बरसात में डैम के फाटक को दोबारा खोलने की नौबत आई हो। इस साल जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में जिले में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश और डैम का बढ़ता जलस्तर फिलहाल कोडरमा के ग्रामीण इलाकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।


