करणी माता मंदिर के पास बाघिन ने शावक जन्में:अब बफर जोन में 10 टाइगर हो गए, 19 सितंबर से करणी माता मेला भी

19 सितंबर से लगने वाले करणी माता मेले में भक्तों को अब और ज्यादा सावधान रहना होगा। असल में मंदिर की बावड़ी के पास ही टाइग्रेस ST-2303 ने शावक को जन्म दिया है। वहीं पर कैमरा ट्रैप की तस्वीर सामने आई है। अब सरिस्का के बफर जोन के जंगल में कुल टाइगर, टाइग्रेस व शावक की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सरिस्का के बफर जोन में सबसे अधिक टाइग्रेस एसटी 19 ने शावक जन्में है। यह टाइग्रेस एटी2303 भी टाइग्रेस एसटी 19 की शावक रही है। सरिस्का के CCF संग्राम सिंह ने बताया कि टाइग्रेस एसटी 2303 एक शावक के साथ दिखी है। टाइग्रेस की यह फोटो कैमरा ट्रैप से सामने आई। जो करणी माता मंदिर के पास बावड़ी के आसपास की है। आगे करणी माता मेला है। इसलिए भक्तों को बहुत अधिक सावधानी की जरूरत है। असल में टाइग्रेस जब शावक जन्म देती है तब एग्रेसिव जल्दी होती है। इसलिए आने-जाने वाले भक्तों को रोड से नीचे कहीं नहीं जाना है। केवल मंदिर में दर्शन कर वापस लौटना है। आसपास के जंगल में टाइग्रेस की बराबर टैरेटरी है। अब शावक भी है। अभी एक ही शावक तस्वीर सामने आई है। हो सकता है शावक की संख्या एक से अधिक हो। बफर जोन में कुल 10 टाइगर हो गए सरिस्का के बफर जोन में कुल टाइगर की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जिनमें 5 शावक हैं। 4 टाइग्रेस व एक ही टाइगर है। एक तरह से ये अधिकतर शावक टाइगर एसटी 18 के शावक है। 5 शावक, 4 फीमेल, नर एसटी 18 अब अलवर के सरिस्का के बफर जोन में कुल 10 टाइगर हो गए हैं। जिनमें 5 शावक हैं, 4 टाइग्रेस व एक टाइगर है। एसटी 19 ने यहां आकर शावकों को कुनबा बढ़ाया है। एसटी 19 ने पहले 2 शावक, फिर 3 शावक और पिछले साल 4 शावक जन्में थे। यहां का एक टाइगर रामगढ़ विषधारी में मर चुका है। एक टाइगर अकबरपुर की तरफ निकल गया।

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