दौसा जिले में श्मशान भूमि के विवादों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने महिला की डेडबॉडी के साथ ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। सूचना पर एसडीएम नवनीत कुमार और डिप्टी एसपी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरना दे रहे लोगों की शिकायत सुनी। मामला सिकराय उपखंड क्षेत्र के रामेड़ा गांव का है, जहां एक बुजुर्ग महिला की मौत होने के बाद परिजन उसे अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे थे। लेकिन जगह नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया और डेडबॉडी लेकर दौसा कलेक्ट्रेट पहुंच गए। जहां श्मशान घाट की मांग को लेकर ग्रामीण वृद्धा के शव को कार में रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने यह विवाद बताया आरोप है कि श्मशान की भूमि पर दो पक्षों का विवाद था। एक पक्ष ने अतिक्रमण बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियो ने श्मशान की भूमि को लेकर कोर्ट में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए। जिसके चलते कोर्ट ने श्मशान भूमि को हटाने के नोटिस जारी कर दिए। ऐसे में अब उनके पास अंतिम संस्कार करने के लिए जगह ही नहीं बची। धरना दे रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान अधिकारियों ने नियम अनुसार श्मशान के लिए भूमि आवंटन कर दी थी। लेकिन समाधान नहीं हुआ। वहीं एक अन्य ग्रामीण ने कहा- 2 माह से विवाद चल रहा है जिसके बारे में प्रशासन को सूचना देने पर भी कोई समाधान नहीं हुआ। मजबूरन डेडबॉडी लेकर आना पड़ा है। मौके पर सिकराय एसडीएम और मानपुर डिप्टी एसपी ग्रामीणों से समझाइश में जुटे हैं।


