राजधानी में विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कदम है। पहले भगवान विश्वकर्मा की पूजा मुख्य रूप से छोटे मंदिरों और तस्वीरों के माध्यम से होती थी, लेकिन अब भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण हो रहा है। मंदिर का निर्माण पारंपरिक वास्तुकला के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी समावेश करेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान करेगा। खादगढ़ा चूनाभट्ठा, चटकपुर और विश्वकर्मा नगर खादगढ़ा में भव्य विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। चटकपुर… त्रिदेव विश्वकर्मा मंदिर का हो रहा भव्य निर्माण चटकपुर स्थित त्रिदेव विश्वकर्मा मंदिर में बुधवार को भव्य आयोजन किया जाएगा। विश्वकर्मा जीवन कल्याण समिति के तत्वावधान में कई विशेष अनुष्ठान संपन्न होंगे। पूजा के उपरांत जागरण और भंडारे का आयोजन िकया जाएगा। समिति अध्यक्ष पिंटू शर्मा ने बताया कि 2003 से पंडाल बनाकर पूजा की जा रही थी। दो वर्ष पूर्व मंदिर का निर्माण प्रारंभ हुआ, जो अभी भी निर्माणाधीन है। मंदिर परिसर में भविष्य में धर्मशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है। मंदिर में तीनों पहर पूजा होती है। मंदिर में भगवान विश्वकर्मा के साथ भगवान शिव और बजरंगबली की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। श्रद्धालुओं में आयोजन को लेकर उत्साह है। मेन रोड… भगवान विश्वकर्मा मंदिर में तस्वीर की होती थी पूजा मेनरोड स्थित विश्वकर्मा लेन में झारखंड का सबसे पुराना और भव्य श्री जगतगुरु विश्वकर्मा भगवान का मंदिर है। मंदिर में रांची समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग श्रद्धा भाव से पूजा करने आते हैं। खासकर नए वाहन की पूजा के लिए भीड़ लगी रहती है। मंदिर के पूजा प्रभारी शंकर कुमार शर्मा ने बताया कि यह मंदिर 95 साल पुराना है, जिसकी शुरुआत 1928 में मोनी बाबा ने की थी। वे भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर रखकर पूजा करते थे। 1930 में श्री विश्वकर्मा ब्राह्मण सभा, रांची ने इसका निर्माण कराया। 17 सितंबर को सुबह 10 बजे पूजा, दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक भजन व भंडारे का आयोजन होगा।
विश्वकर्मा नगर… करकट से बना था मंदिर, इसी साल बनकर होगा तैयार विश्वकर्मा नगर खादगढ़ा स्थित श्री विश्वकर्मा धाम सेवा समिति के मंदिर में बुधवार को सुबह 11 बजे से पूजा प्रारंभ होगी। दोपहर 2 बजे से प्रसाद वितरण किया जाएगा। मंदिर के सचिव मोहन शर्मा ने बताया कि 10 साल पहले करकट से बने छोटे मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की पूजा शुरू हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे मंदिर का विस्तार किया गया। वर्तमान में यहां भव्य मंदिर का निर्माण कार्य जारी है, जो इस वर्ष पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। मंदिर निर्माण में सुरेश शर्मा, मोहन शर्मा, कृष्णा शर्मा, वीरेंद्र शर्मा समेत कई लोगों का योगदान रहा है। समिति ने बताया कि मंदिर पूर्ण रूप से बनने के बाद यहां बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम और वार्षिक आयोजन किए जाएंगे। खादगढ़ा… पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा फरवरी 2026 में होगी’ खादगढ़ा चूनाभट्ठा स्थित पंचमुखी विश्वकर्मा पूजा समिति द्वारा 2008 से पंडाल बनाकर पूजा की परंपरा निभाई जा रही है। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रांत विश्वकर्मा ने बताया कि करीब 70 साल पहले पूर्वज खुले स्थान पर फोटो रखकर पूजा करते थे। धरोहर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से तीन साल पहले इसी स्थल पर मंदिर निर्माण की शुरुआत की गई। वर्तमान में ढलाई का काम जारी है और अगले वर्ष फरवरी में माघ त्रयोदशी पर प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। यह झारखंड का पहला मंदिर होगा, जहां भगवान विश्वकर्मा पंचमुखी स्वरूप में विराजेंगे। इस वर्ष तीन दिवसीय आयोजन में 17 को पूजा, प्रसाद वितरण, 18 को महाआरती व महाभोग और 19 को विसर्जन होगा।


