गुरबाणी के रंग में रंगा शहर : संग्रांद पर संगत ने हर गुरुद्वारे में कीर्तन समागम और अरदास की

भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर के सभी प्रमुख गुरुद्वारा साहिब में संग्रांद के पावन अवसर पर मंगलवार को धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अमृत समय से ही संगत गुरुद्वारों में पहुंचकर नाम सिमरन और अरदास में शामिल हुई। सभी जगह कड़ा प्रसाद की देग तैयार कर श्रद्धालुओं को वितरित की गई। गुरबाणी, कीर्तन और संकीर्तन से वातावरण भक्ति रस से भर गया। प्रमुख गुरुद्वारों में रागी जत्थों ने रसभरी वाणी के साथ संगतों को गुरबाणी से जोड़ा और गुरु कर अटूट लंगर का प्रबंध किया गया। सभी स्थानों पर प्रबंधक कमेटियों ने रागी जत्थों को सिरोपाव डालकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा मॉडल टाउन एक्सटेंशन अमर शहीद बाबा दीप सिंह में सुबह और रात दोनों समय कीर्तन समागम करवाया गया। स्त्री सत्संग की ओर से वाहेगुरु सिमरन करवाया गया। इसके बाद “धुर की बाणी आई, तिनि सगली चिंत मिटाई” जैसे शबद गायन कर संगत को निहाल किया गया। शाम को हजूरी रागी जत्थे ने गुरबाणी के शब्द सुनाकर संगत को जोड़ा। अंत में अटूट लंगर वितरित हुआ। कमेटी सदस्यों सुखविंदर पाल सिंह सरना, हरप्रीत सिंह राजधानी, नवप्रीत सिंह बिंद्रा और अमरजीत सिंह टिक्का ने रागी जत्थों को सिरोपाव देकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा शहीदां फेरूमान ढोलेवाल चौक में संग्रांद बड़ी श्रद्धा से मनाई गई। यहां सुबह से ही रागी जत्थों ने मधुर वाणी में कीर्तन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। भाई गुरदीप सिंह (जयपुर वाले), भाई गुरशरण सिंह, भाई हरप्रीत सिंह खालसा, भाई परमवीर सिंह और भाई जोगिंदर सिंह ने सहयोगियों सहित कीर्तन कर रसधार बहाई। ज्ञानी मनप्रीत सिंह ने गुरमति विचार साझा करते हुए कहा कि गुरबाणी के अनुसार चलना ही सच्चा जीवन है। मुख्य सेवादार एडवोकेट बलविंदर सिंह लायलपुरी ने रागी जत्थों को सिरोपाव भेंट किए और संगत का धन्यवाद किया। गुरुद्वारा श्री सुखमणि साहिब दुगरी में भी संग्रांद अवसर पर सुबह संगत ने पांच बाणियों का पाठ किया। इसके बाद रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। गुरुद्वारा प्रधान अरविंदर सिंह संधू ने रागी जत्थों को सिरोपाव देकर सम्मानित किया। ग्रंथी सिंह ने पंजाब में सुख-शांति और भाईचारे की अरदास की। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा बीआरएस नगर ई-ब्लॉक में भी सुबह से संगत ने श्री सुखमणि साहिब का पाठ किया। उसके बाद रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को नाम रस में डुबोया। अंत में अटूट लंगर का वितरण हुआ। कमेटी प्रधान सत्यपाल सिंह, गुलबहार सिंह, गुरमीत सिंह और सुरिंदर सिंह कीवी ने सभी रागी जत्थों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। संग्रांद के इस अवसर पर पूरे शहर के गुरुद्वारे भक्ति, सेवा और नाम रस से सराबोर रहे। संगतों ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और नए महीने की शुरुआत शांति, प्रेम और भाईचारे के संदेश के साथ की।

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